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शीतकालीन सत्र में संसद का घेराव करेंगे हिमाचल के शिक्षक, ये रही वजह

Wed, 06 Dec 2017 09:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल के शिक्षक शीतकालीन बजट सत्र के दौरान संसद का घेराव करेंगे। महासंघ की बैठक में यह प्रस्ताव पारित हुआ। शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रदेश के शिक्षक शीतकालीन बजट सत्र के दौरान संसद का घेराव करेंगे। नई दिल्ली में हुई अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक महासंघ की बैठक में संसद घेराव करने का प्रस्ताव पारित हुआ।
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हिमाचल से राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष और महासंघ के उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बैठक में भाग लिया। बैठक में सीसीई प्रणाली को समाप्त कर दोबारा से पहली से आठवीं कक्षा तक अंकों के आधार पर पास और फेल का पैटर्न लागू करने की मांग की गई। पुरानी पेंशन स्कीम, नियमित भर्तियां और डीएलएड रद्द करने की वकालत भी की गई।

अखिल भारतीय माध्यमिक शिक्षक महासंघ के उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बताया कि बैठक में शिक्षा और शिक्षकों की बेहतरी के लिए कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए। फैसला लिया गया कि केंद्र सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ संसद का घेराव और प्रदर्शन किए जाएंगे।
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राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव पारित

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि पूरे देश में एक जैसी शिक्षा व्यवस्था दी जाए। सभी सरकारी स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं शुरू की जाएं। शिक्षा के अधिकार को नर्सरी से जमा दो कक्षा तक अनिवार्य किया जाए।

नियमित पदों पर नियमित नियुक्तियां की जाएं। शिक्षकों से गैर शिक्षण कार्य न लिए जाएं। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को सर्व शिक्षा अभियान में मर्ज न किया जाए।

नियमित शिक्षकों को डीएलएड जैसे कोर्स करवाकर मानसिक बोझ और समय बर्बाद न किया जाए। सभी प्रकार की पार्ट टाइम नियुक्तियों को नियमित किया जाए।

भविष्य में सभी नियुक्तियां नियमित तौर पर की जाएं। नई शिक्षा नीति लागू करने से पहले महासंघ को विश्वास में लिया जाए। जीडीपी का छह फीसदी बजट शिक्षा पर खर्च किया जाए।
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