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विश्व अंगदान दिवस 2026 : ब्लड ग्रुप मैच न होने पर भी राह आसान, हिमाचल में जल्द शुरू होगी व्यवस्था

Thu, 13 Aug 2026 11:50 AM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

World Organ Donation Day 2026: हिमाचल प्रदेश में जल्द स्वैप प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू होने वाली है। इसके तहत ब्लड ग्रुप मैच नहीं होने पर दो अलग अंगदाता-मरीज जोड़ियों के बीच अंगों की अदला-बदली की जाएगी। राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में अब तक 4,123 लोग अंगदान की शपथ ले चुके हैं, जबकि तीन बड़े अस्पतालों में 45 लाइव किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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World Organ Donation Day 2026 - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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ब्लड ग्रुप मैच नहीं होने के कारण अंग प्रत्यारोपण में आने वाली बड़ी बाधा अब दूर हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में जल्द ही स्वैप प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू होने जा रही है। इसके तहत अलग-अलग अंगदाता और मरीज की दो जोड़ियों के बीच अंगों की अदला-बदली की जाएगी, जिससे दोनों मरीजों का प्रत्यारोपण संभव हो सकेगा।

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राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन, हिमाचल विंग ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद प्रदेश में स्वैप प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इससे खासतौर पर उन मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनके लिए अंगदाता उपलब्ध होने के बावजूद ब्लड ग्रुप मैच नहीं होने की वजह से प्रत्यारोपण संभव नहीं हो पाता।

कैसे काम करेगा स्वैप प्रत्यारोपण?
स्वैप प्रत्यारोपण में दो अलग-अलग अंगदाता-मरीज जोड़ियों को शामिल किया जाता है। उदाहरण के तौर पर पहली जोड़ी में उपलब्ध अंगदाता का ब्लड ग्रुप अपने मरीज से मैच नहीं करता, जबकि दूसरी जोड़ी में भी यही स्थिति होती है। ऐसे में यदि दोनों जोड़ियों के अंगदाता दूसरे मरीज के लिए उपयुक्त पाए जाते हैं, तो अंगों की अदला-बदली के माध्यम से दोनों मरीजों का प्रत्यारोपण किया जा सकता है। इस व्यवस्था से ऐसे मरीजों के लिए प्रत्यारोपण की संभावना बढ़ सकती है, जिन्हें ब्लड ग्रुप असंगतता के कारण अपने उपलब्ध अंगदाता से अंग नहीं मिल पाता।

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प्रदेश में 4,123 लोग ले चुके अंगदान की शपथ
हिमाचल प्रदेश में अंगदान को लेकर भी लोग आगे आ रहे हैं। अब तक करीब 4,123 लोगों ने अंगदान की शपथ ली है। इन लोगों का ऑनलाइन पंजीकरण किया गया है। ये सभी लोग स्वयं अंगदान के लिए आगे आए हैं। राज्य में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ प्रत्यारोपण की सुविधाओं को भी विस्तार देने की कवायद चल रही है।

तीन बड़े अस्पतालों में लाइव किडनी ट्रांसप्लांट
प्रदेश के तीन बड़े अस्पतालों में लाइव अंगदान की सुविधा उपलब्ध है। अब तक प्रदेश में 45 ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लाइव किडनी ट्रांसप्लांट किया गया है। इनमें इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पांच, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में 26 और एम्स बिलासपुर में 14 लाइव किडनी ट्रांसप्लांट सफल रहे हैं।

जल्द पूरी होगी कागजी प्रक्रिया
राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन, हिमाचल प्रदेश के संयुक्त निदेशक डॉ. निशांत नड्डा ने कहा कि स्वैप प्रत्यारोपण के माध्यम से ब्लड ग्रुप के अलावा भी अंगदान किया जा सकता है। इसके लिए प्रदेश में व्यवस्था की जा रही है। आगामी दिनों में कागजी कार्रवाई पूरी कर इसे शुरू किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अंगदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि इससे किसी बहुमूल्य जिंदगी को बचाने में मदद मिल सकती है।
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