प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में नियुक्त सरप्लस असिस्टेंट प्रोफेसरों को दूसरे कॉलेजों में ट्रांसफर किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने असिस्टेंट प्रोफेसरों का युक्तिकरण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब कॉलेजों में 25 जुलाई तक हुई विद्यार्थियों की एडमिशन के हिसाब से अस्टिटेंट प्रोफेसरों की नियुक्तियां की जाएंगी।
बिना जरूरत के कॉलेजों में तैनात शिक्षकों को जरूरत वाले कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा।कॉलेज शिक्षकों को इधर-उधर करने की कवायद में जुटे उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी डिग्री कॉलेजों के प्रिंसिपलों से विद्यार्थियों की कुल संख्या, शिक्षकों की संख्या, विषय वार छात्रों की संख्या और शिक्षकों के कामकाज का ब्योरा तीन दिन के भीतर उच्च शिक्षा निदेशालय में मंगवाया है।
कॉलेजों में 25 जुलाई तक हुए दाखिलों के आधार पर अब असिस्टेंट प्रोफेसरों को कॉलेजों में नियुक्तियां दी जाएंगी। ऐसे में लंबे समय से कॉलेजों में टिके शिक्षकों को सबसे पहले स्थानांतरित किया जाएगा। प्रदेश में बीते चार साल के दौरान खोले गए कॉलेजों में स्टाफ की कमी को पूरा करने और मुख्य शहरों में लंबे समय से जमे शिक्षकों को हटाने के लिए निदेशालय ने यह मुहिम शुरू की है।
ब्योरा नहीं भेजने वालों को नोटिस
कॉलेजों से मांगे गए ब्योरा को नहीं भेजने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा निदेशालय ने कॉलेजों को पत्र जारी कर मांगी गई पूरी जानकारी निर्धारित किए गए तीन दिनों के भीतर देने के आदेश दिए हैं।
134 डिग्री कॉलेज हैं हिमाचल में
प्रदेश भर में 134 डिग्री कॉलेज हैं। रूसा लागू होने के बाद कई कॉलेजों में संबंधित विषय के शिक्षकों की कमी है, जबकि कई कॉलेजों में सरप्लस शिक्षक हैं।