राज्य मंत्रिमंडल में हो सकते हैं इतने सदस्य
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व के राज्य मंत्रिमंडल में उनके अलावा केवल 11 सदस्य हो सकते हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री के अलावा उप मुख्यमंत्री और नौ मंत्री हैं। दरअसल वैधानिक नियमों के अनुसार इस कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित 12 सदस्य ही बनाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने पहले तीन पद खाली रखे थे। राजेश धर्माणी और यादविंद्र गोमा को भी कुछ महीने पहले ही मंत्री बनाया गया है। अब एक पद ही शेष रह गया है। इसी पर कुछ विधायकों की नजरें टिकी हैं। कोई वरिष्ठता की पात्रता बता रहे हैं तो कोई जातीय, क्षेत्रीय संतुलन से भी आस लगाए हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री मंत्री पद के ज्यादा तलबगार होने की स्थिति में किसी को नाराज न करने की वजह से मंत्रिमंडल विस्तार को फिर आगे टालेंगे या नहीं। इस पर भी पहेलियां बूझी जा रही हैं।
कुल्लू की दावेदारी ज्यादा मजबूत
ऐसे में कुल्लू की दावेदारी ज्यादा मजबूत है। कुल्लू के कांग्रेस विधायक और मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर इस दावेदारी में इसलिए आगे हैं। उनके अलावा कांग्रेस की महिला विधायक होने के नाते पहली बार चुनी गईं अनुराधा राणा की भी लॉटरी लग सकती है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से भी मंत्री बनाया जा सकता है। यहां से एक वरिष्ठ नेता भी मुख्यमंत्री यह जिम्मा दे सकते हैं।