इसके लिए उन्हें कंप्यूटर की भी जरूरत नहीं होगी। इस दौरान विद्यार्थियों को एआई की अवधारणा, इसके उपयोग और दैनिक जीवन में इसकी भूमिका से परिचित करवाया जाएगा। वहीं नौवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मॉडल आधारित और उन्नत स्तर का ज्ञान प्रदान किया जाएगा, जिससे वे आधुनिक तकनीक की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझ सकें। शिक्षा बोर्ड की ओर से तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना है। एआई आधारित शिक्षा से छात्रों में नवाचार, तार्किक सोच और तकनीकी कौशल का विकास होने की उम्मीद है। सरकार से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद पाठ्यक्रम को लागू करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्कूल शिक्षा बोर्ड मुख्यालय में एआई के पाठ्यक्रम को शुरू करवाने के लिए एक कंपनी के साथ कार्यशाला का आयोजन किया गया था। कार्यशाला में विभिन्न विषय विशेषज्ञ भी मौजूद रहे थे। इसके बाद अब शिक्षा बोर्ड ने एआई के पाठ्यक्रम को तैयार कर लिया है। पाठ्यक्रम शुरू करने की प्रेजेंटेशन को प्रदेश सरकार के समक्ष रखा है। सरकार ने इसे शुरू करने को हामी भर दी है। लिखित में अप्रूवल आने के बाद इसे शुरू करने की आगामी औपचारिकताएं शुरू की जाएंगी। - डॉ. मेजर विशाल शर्मा, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला