जम्मू-कश्मीर के बारामुला में सोमवार को आतंकी मुठभेड़ में हिमाचल का जवान शहीद हो गया। सिरमौर जिले की ददाहू तहसील के ठाक्कर गवाना गांव के प्रशांत ठाकुर दो आतंकियों को ढेर करने के बाद शहीद हुए। 24 साल की उम्र में शहादत पाने वाले प्रशांत पांच साल पहले सेना की 18 जीडीआर कंपनी में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। सबके लाडले प्रशांत परिवार में सबसे छोटे थे। उनकी शहादत की जानकारी सोमवार रात करीब एक बजे शहीद के पिता सुरजन सिंह को सेना के अधिकारियों ने दी। बुधवार को शहीद की पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंचेगी।
युवक की शहादत पर पूरी भनेत हल्दवाड़ी पंचायत और परिवार सदमे में है। बीते रविवार को ही प्रशांत ने अपने माता-पिता से मोबाइल पर बात करके उनका हालचाल जाना था और अगले ही दिन सोमवार को आतंकियों की गोली लगने से घायल हुए प्रशांत की उपचार के दौरान मौत हो गई। सैनिक के पिता सुरजन सिंह और माता रेखा देवी सुध-बुध खो बैठे हैं।
शहीद के दादा स्वर्गीय नरोत्तम सिंह भी एसएसबी में थे। प्रशांत के बड़े भाई विशाल ठाकुर घर पर ही अपने पिता के साथ खेतीबाड़ी मे उनका हाथ बंटाते हैं। तहसीलदार रमन ठाकुर ने बताया कि बुधवार को पार्थिव शरीर पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद डाबरा-बनैत गांव में गिरि नदी के किनारे राजकीय सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जवान की शहादत पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शोक जताया है।