बीबीएन के भुड्ड स्थित बद्दी विवि के गेट से पास 8 जून को हुई 29 लाख की लूट की गुत्थी को आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया है। लूट का मास्टर माइंड एटीएम में पैसा डालने वाली कंपनी का पूर्व कर्मचारी है। उसने बाजार से मात्र बीस रुपये में खरीदे सब्जी काटने वाले चाकू से लूट की इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया।
कॉल डिटेल से पुलिस को शक हुआ। उसे हिरासत में लेकर जब कड़ी पूछताछ की तो उसने सच कबूल लिया। पुलिस ने मास्टर माइंड पूर्व कर्मचारी दीप सिंह समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी बद्दी से सटे हरियाणा के पिंजौर के रहने वाले हैं। पुलिस ने तूड़ी में छिपाकर रखे 17 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। शेष पैसे कहां खर्चे, इसका पता लगाया जा रहा है।
कैसे घूमी पुलिस के शक की सूई
एसपी बद्दी बीएस चौहान ने बताया कि जिन कर्मचारियों से पैसे लूटे गए, उनकी फोन कॉल की डिटेल से आरोपी पर शक हुआ। चरनिया निवासी मास्टर माइंड दीप सिंह पीएनबी बैंक के एटीएम में पैसा डालने वाली राइटर सेफ गार्ड कंपनी में काम करता था। उसने एक माह पहले ही नौकरी छोड़ी थी।
वारदात वाले दिन वह एटीएम में पैसा डालने गए कर्मचारियों से लगातार फोन पर संपर्क में था। उसने वारदात के लिए पड़ोसी गांव सोतवाल के हरमेश कुमार व तरसेम सिंह को अपने साथ मिलाया।
पूरी रेकी करने के उपरांत अपने दो साथियों को बिना नंबर के बाइक पर भेजा और उन्हें गाइडलाइन देता रहा। लूट की घटना को अंजाम देने के बाद बद्दी-नालागढ़ हाईवे पर भुड्ड के नीचे वाले चोर रास्ते से उन्हें फरार करवाने में मदद करता रहा।
लूट में इस्तेमाल बाइक से भी मिला सुराग
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि सीसीटीवी फुटेज में ऐसा प्रतीत होता रहा कि लुटेरे आसानी से वारदात को अंजाम दे गए और जिस बाइक को वह चला रहे थे, वह हाल ही में यूरो फोर बाइक थी, जिस पर नंबर नहीं लगा था।
पुलिस ने बाइक की जब पड़ताल की तो यह बाइक वारदात को अंजाम देने वाले तरसेम के भाई पवन की थी। दीप सिंह की तरसेम से भी लगातार बात होती थी। शक के आधार पर जब दीप सिंह को हिरासत में लिया तो उसे सब कुछ उगल दिया।
आरोपियों ने तूड़ी में छिपाए थे 17 लाख
8 जून दोपहर करीब 1:45 बजे बद्दी-नालागढ़ हाईवे पर भुड्ड के समीप बददी यूनिवर्सिटी में पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम में कंपनी के दो कर्मचारी विजय और अजीत शर्मा बाइक पर पहुंचे। उनके बैग में 29 लाख रुपये थे, जो एटीएम में डालने थे।
उसी समय बिना नंबर के बाइक पर पहले ही तैयार बैठे लुटेरों ने चाकू की नोक पर इनसे पैसों से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए। दोनों नकाबपोश थे और काले कपड़े पहने हुए थे। विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना कैद हो गई थी, जो पुलिस के लिए मददगार भी साबित हुई।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने लूट के बाद पूरा पैसा सोतवाल गांव में एक कमरे में तूड़ी के भीतर पैसे छिपा दिया था। उस कमरे को ताला लगाया था। उसकी दो चाबियां थीं।
जो दो लोगों के पास रहती थी। जब भी पैसे की जरूरत होती तो दोनों वहां से निकाल लेते थे। पुलिस अब इस पूछताछ में लगी है कि क्या 16 दिन में उन्होंने 12 लाख रुपये खर्च कर लिए हैं या इन्हें किसी और को दे दिया है।