वन विभाग के अनुसार इस बार पार्क में करीब तीन हजार ट्यूलिप बल्ब लगाए थे। सूखे के चलते पहले ज्यादातर बल्ब नहीं उग पाए हैं और जो उगे थे उन्हें ओलावृष्टि ने तहस नहस कर दिया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ट्यूलिप पर इस बार मौसम की बेरुखी की दोहरी मार पड़ी है।
पहले जब ट्यूलिप लगाए तो उस समय बारिश नहीं हुई जिस कारण ट्यूलिप समय पर खिल नहीं पाए और कम संख्या में खिले उन्हें भी बीते दिनों हुई बारिश ने नष्ट कर दिया है। अधिकारियों का कहना था कि बारिश के बाद ट्यूलिप के खिलने की उम्मीद थी लेकिन अब तापमान में भारी गिरावट आ गई। इस कारण इस बार कम ही ट्यूलिप खिलने के आसार हैं। क्रेगनैनो पार्क शिमला का मशहूर पर्यटन स्थल है। यहां पर हर साल हजारों पर्यटक और स्थानीय प्रकृति प्रेमी घूमने आते हैं। हर माह औसतन करीब तीन से पांच हजार लोग पार्क में एंट्री करते हैं। वन विभाग पार्क में हर वर्ष सर्दियों के अंत में ट्यूलिप लगाता है।
यह ट्यूलिप मार्च के मध्य तक खिल जाते थे लेकिन इस बार टयूलिप नहीं खिल पाए हैं। विभाग ने इस बार लाल रंग का रेड पेरिड, लाल और पीले रंग का बेंजालुका, पीले रंग का नोविसम, बैंगनी रंग का पर्पल प्रिंस और सफेद रंग का व्हाइट प्रिंस समेत कई अन्य किस्म के ट्यूलिप लगाए थे। लेकिन इस बार बहुत कम मात्रा में ट्यूलिप खिले हैं।
इस बार नए ट्यूलिप नहीं मंगवाए गए थे। पिछले साल लाए गए फूलों को ही बीजा गया था। विभाग ने करीब पार्क में तीन हजार के आसपास ट्यूलिप लगाए थे लेकिन मौसम की मार पड़ी और यह खिल नहीं पाए और खिले हुए फूलों को ओलावृष्टि ने नुकसान पहुंचाया है। -अजित, रेंज ऑफिसर वन विभाग