ज्वालाजी में मंदिर के अंदर नारियल नहीं ले जा पाएंगे। प्रसाद भी मुख्य मंदिर में रखे ड्रम में डाला जाएगा। मंदिर में श्रद्धालु सुबह 6 से रात 10 बजे तक दर्शन कर सकते हैं।
मां ज्वाला की पांच बार आरती होगी। पंजीकरण व्यवस्था भी पहले की तरह पुराने बस स्टैंड की पार्किंग में ही होगी। मुंडन संस्कार फिलहाल बंद रहेंगे। एसडीएम धनवीर ठाकुर ने बताया कि कोरोना काल में नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को एसओपी के तहत सुविधाजनक दर्शन करवाए जाएंगे।