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Hotel Management Institute: कुल्लू के नग्गर में खुलेगा हिमाचल का चौथा होटल मैनेजमेंट संस्थान

Tue, 06 Sep 2022 11:12 AM IST
Krishan Singh संजय भारद्वाज, संवाद न्यूज एजेंसी, मनाली (कुल्लू)

सार

नग्गर गांव में जल्द ही राष्ट्रीय स्तर का इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएच) का संस्थान खुलने जा रहा है। पर्यटन विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। नग्गर में वन विभाग की करीब 30 हेक्टेयर भूमि का संस्थान के लिए चयन किया गया है। 
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पर्यटन विभाग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व धरोहर घोषित नग्गर गांव में जल्द ही राष्ट्रीय स्तर का इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएच) का संस्थान खुलने जा रहा है। पर्यटन विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। नग्गर में वन विभाग की करीब 30 हेक्टेयर भूमि का संस्थान के लिए चयन किया गया है। भूमि का संयुक्त निरीक्षण करने के बाद अब वन विभाग की अनुमति के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। सब ठीक ठाक रहा तो अगले वर्ष तक इसका कार्य आरंभ हो सकता है। नग्गर में खुलने वाला आईएचएम हिमाचल प्रदेश का चौथा संस्थान होगा। वर्तमान में हिमाचल में कुफरी, हमीरपुर और धर्मशाला में संस्थान चल रहे हैं।

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मनाली में हर साल देश और विदेश से लाखों की संख्या में पर्यटक सैर-सपाटे के लिए पहुंचते हैं। कुल्लू जिले में अधिकतर लोग पर्यटन कारोबार से जुड़े हैं। यहां के युवाओं को होटल मैनेजमेंट से जुड़े विभिन्न कोर्स और डिग्री लेने के लिए राज्य से बाहर या फिर हमीरपुर, धर्मशाला या कुफरी जाना पड़ता है। अब मनाली में भी आईएमएच खुलेगा। करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले इस संस्थान के खुलने से यहां के युवा घर द्वार ही पर्यटन कारोबार से जुड़ी बारीकियां सीख सकेंगे। खास यह है कि राष्ट्रीय स्तर के इस संस्थान में स्थानीय लोगों के अलावा बाहरी राज्यों के विद्यार्थी भी आकर शिक्षा ग्रहण करेंगे। 

संस्थान में होगी छह डिग्रियों की पढ़ाई
संस्थान में होटल मैनेजमेंट से जुड़े हाउस कीपिंग, कुकिंग, फ्रंट ऑफिस अटेंडेंट आदि की डिग्री की जा सकेगी। संस्थान में लगभग छह प्रकार की अलग-अलग विषयों की डिग्रियों की पढ़ाई होगी। 
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नग्गर में भूमि का चयन किया
नग्गर में आईएचएम के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। विभिन्न विभागों के संयुक्त निरीक्षण के बाद जगह तय कर ली गई है। वन विभाग की भूमि होने के कारण सबसे पहले फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। एफआरए की अनुमति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एफआरए की मंजूरी मिलते ही भूमि हस्तांतरण कर इसका कार्य आरंभ किया जा सकेगा। -सुनैना शर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी

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