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हिमाचल: डिजिटल अरेस्ट कर सेवानिवृत्त अधिकारी से ठग लिए 1.14 करोड़, दो महीने तक जांच एजेंसियों का डर दिखाया

Wed, 01 Jul 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।

सार

आरोपियों ने करीब दो महीने तक उन्हें मानसिक दबाव में रखा और गिरफ्तारी व कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर अलग-अलग किस्तों में रकम अपने बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली। 
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डिजिटल अरेस्ट(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साइबर ठगों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), क्राइम ब्रांच और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों के अधिकारी बनकर मंडी जिले के एक सेवानिवृत्त अधिकारी से डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 1.14 करोड़ रुपये ठग लिए। आरोपियों ने करीब दो महीने तक उन्हें मानसिक दबाव में रखा और गिरफ्तारी व कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर अलग-अलग किस्तों में रकम अपने बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली। शिकायतकर्ता के अनुसार, ठगों ने वीडियो और फोन कॉल के जरिये खुद को केंद्रीय जांच एजेंसियों का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उनका नाम एक गंभीर आर्थिक अपराध की जांच में आया है।

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ऐसे हुआ ठगी का अहसास

आरोपियों ने कहा कि जांच पूरी होने तक धनराशि को सत्यापन और सुरक्षा के लिए सरकारी निगरानी खाते में जमा कराना होगा, जिसके बाद पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। डर और भ्रम में आकर सेवानिवृत्त अधिकारी ने तीन नवंबर 2025 से दो जनवरी 2026 के बीच करीब 5 लाख से 28 लाख रुपये तक की कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कीं। इस दौरान कुल 1.14 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में भेज दिए। बाद में न तो रकम वापस मिली और न ही कथित अधिकारियों से संपर्क हो सका, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस थाना मंडी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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डिजिटल अरेस्ट या किसी जांच एजेंसी के नाम पर आने वाले ऐसे कॉल से न घबराएं। किसी भी अनजान खाते में पैसा ट्रांसफर न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। -ज्ञानेश्वर सिंह, एडीजीपी सीआईडी

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