इस नीति का उद्देश्य इन कर्मचारियों की सेवा शर्तों में सुधार लाना है। सरकार इन कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह निर्णय राज्य के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। प्रधान सचिव
प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार की अध्यक्षता में हुई एक अन्य बैठक में सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) से चल रही परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई। इसमें विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।