राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ ही यह विधेयक अब कानून का रूप ले चुका है। इसके साथ ही लोकतंत्र सम्मान राशि को बंद करने का वैध प्रावधान हो चुका है। हालांकि, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इस रिपील विधेयक के खिलाफ कुछ लोगों ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ताओं ने सरकार के इस फैसले को चुनौती दी है। इस मामले पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाबतलब किया है। सरकार को यह स्पष्ट करना है कि लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि योजना को समाप्त करने के पीछे क्या ठोस कारण हैं और क्या प्रक्रिया पूरी तरह सांविधानिक रही है।