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Himachal News: लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि बंद करने वाले रिपील विधेयक को चुनौती, सरकार से जवाब तलब

Sat, 24 Jan 2026 04:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि योजना को समाप्त करने के लिए विधानसभा में पारित रिपील विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब इसे फिर से हिमाचल हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।  इस मामले पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाबतलब किया गया है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि योजना को समाप्त करने के लिए विधानसभा में पारित रिपील विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब इसे फिर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय ने इस पर सरकार से जवाबतलब किया है। राज्य सरकार का सामान्य प्रशासन विभाग इसका जवाब तैयार करने में जुट गया है।

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राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ ही यह विधेयक अब कानून का रूप ले चुका है। इसके साथ ही लोकतंत्र सम्मान राशि को बंद करने का वैध प्रावधान हो चुका है। हालांकि, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इस रिपील विधेयक के खिलाफ कुछ लोगों ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिकाकर्ताओं ने सरकार के इस फैसले को चुनौती दी है। इस मामले पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाबतलब किया है। सरकार को यह स्पष्ट करना है कि लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि योजना को समाप्त करने के पीछे क्या ठोस कारण हैं और क्या प्रक्रिया पूरी तरह सांविधानिक रही है।
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पूर्व मुख्यमंत्री शांता, पूर्व विस अध्यक्ष शास्त्री, पूर्व मंत्री भारद्वाज की भी सम्मान राशि बंद
इस रिपील विधेयक के मंजूर होने के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, पूर्व विस अध्यक्ष राधारमण शास्त्री, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज समेत कई नेताओं की सम्मान राशि बंद हो चुकी है। इस योजना में पिछली भाजपा सरकार के समय और भी कई लोग शामिल किए गए थे। आपातकाल के दौरान जेल में रहे लोगों को यह राशि दी जाती रही है। गैर भाजपा शासित कई राज्यों में इस राशि को पहले ही बंद किया जा चुका है।
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