मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत कर रही है। इसका उद्देश्य लोगों तक आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। हिमाचल राज्य नागरिक आपूर्ति निगम इस व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। निगम मुख्यालय में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की शिकायतों के लिए शिकायत निवारण प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। यहां राशन, घरेलू गैस और दवाओं की शिकायतों पर सीधी सुनवाई होगी। उपभोक्ता अपनी शिकायत complaint@himapurti-com पर भी भेज सकते हैं।
प्रदेश में करीब 19.42 लाख राशन कार्ड धारकों को हर माह सब्सिडी पर खाद्य तेल, नमक और दालें मिलती हैं। चावल, आटा और अन्य खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति भी की जा रही है। निगम की 54 गैस एजेंसियों से एलपीजी सुविधा उपलब्ध है, साथ ही चार पेट्रोल पंप भी संचालित हैं। राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के 47 मेडिकल स्टोरों पर 10.25 से 50 फीसदी तक की छूट पर दवाइयां 24 घंटे उपलब्ध हैं।
सरकारी विभागों को भी सीमेंट, पाइप, दवाइयां और मिड-डे-मील सामग्री की आपूर्ति की जाती है। सरकार वर्ष 2022-23 से किसानों से सीधे धान खरीद रही है। वर्ष 2025-26 में अक्तूबर से दिसंबर तक 21,127 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। वर्ष 2023-24 से गेहूं की सीधी खरीद भी शुरू हुई। वर्ष 2026-27 में अब तक 4,567.50 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत 2025-26 में 217 मीट्रिक टन मक्की खरीदी गई। 2026-27 में भी 267.96 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। खरीदी गई मक्की और गेहूं को प्रसंस्कृत कर हिम मक्की आटा और हिम भोग गेहूं आटा नाम से उपभोक्ताओं को उचित मूल्य की दुकानों से मिल रहा है।
प्रदेश की 54 गैस एजेंसियों ने घरेलू एलपीजी कनेक्शनों का सुरक्षा निरीक्षण किया है। 2,52,420 उपभोक्ताओं के लक्ष्य के मुकाबले 2,42,027 कनेक्शनों का निरीक्षण पूरा हुआ, जो 96 फीसदी है। इस दौरान लोगों को एलपीजी के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जागरूक किया गया। नागरिक आपूर्ति निगम हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों को भी ई-ग्रेड राशन और अन्य सामग्री उपलब्ध कराता है। इन वस्तुओं की आपूर्ति का सालाना मूल्य करीब 10 से 15 करोड़ रुपये है। निगम आपदा के दौरान भी प्रभावित परिवारों को निशुल्क राशन और एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध करवाता है।