लोगों को उसके संरक्षण में विभाग का सहयोग देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कुछ वर्ष पहले भी पांगी के जंगलों में बर्फानी तेंदुआ होने की प्रमाण मिले थे, लेकिन उसके बाद उसकी सही गणना नहीं हो पाई। यही वजह है कि इस बार वन्य प्राणी व वन विभाग ने अपने-अपने परिक्षेत्रों में ट्रैप कैमरे लगाए। इन कैमरों से जहां शिकारियों पर नजर रखी गई, वहीं जंगलों में फलने-फूलने वाली वन्य जीवों की प्रजातियों की भी निगरानी की गई। उधर, वन मंडल अधिकारी पांगी रवि गुलेरिया ने बताया कि सुराल भटोरी में बर्फानी तेंदुए की तस्वीरें कैद हुई हैं। इन विलुप्त प्रजाति के संरक्षण को लेकर उचित कदम उठाए जा रहे हैं। वन रक्षकों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि वे जंगलों में अपनी निगरानी बढ़ाएं।