इसी प्रमाण पत्र के आधार पर वह पंचायत गुवाड़ी में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित प्रधान पद पर पांच वर्षों तक पदासीन रहा। आरोप है कि इस दौरान उसने सरकार को गुमराह करते हुए पद और अधिकारों का दुरुपयोग किया। मामले में नायब तहसीलदार सलूणी की ओर से संबंधित जाति प्रमाण पत्र को निरस्त किया जा चुका है। उधर, एसपी चंबा विजय कुमार सकलानी ने बताया कि पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी से पूछताछ की। पर्याप्त आधार मिलने पर उसे शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की आगामी जांच जारी है। पुलिस शनिवार को आरोपी को डलहौजी न्यायालय में पेश करेगी।