कार्यक्रम में नाबार्ड हिमाचल प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. विवेक पठानिया ने कहा कि तीनों उत्पादों को जीआई मान्यता मिलना प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नाबार्ड आगे भी उत्पादक समूहों और कारीगर समुदायों को मूल्य शृंखला विकास, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क और क्षमता निर्माण के माध्यम से सहयोग प्रदान करेगा। इस अवसर पर नाबार्ड के उप महाप्रबंधक कुशल दीप, सहायक प्रबंधक हिमांशु बालियान समेत संबंधित कारीगर समुदायों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में पारंपरिक शिल्प के संरक्षण और उनके व्यावसायिक विकास के लिए निरंतर प्रयास करने पर जोर दिया गया।