सार
हिमाचल प्रदेश में 28 जून को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान आयोजित होगा। प्रदेशभर में 4,753 बूथों पर पांच वर्ष से कम आयु के 5.94 लाख बच्चों को पोलियो की दो बूंदें पिलाई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अभियान के बाद 29 और 30 जून को छूटे हुए बच्चों को घर-घर जाकर वैक्सीन दी जाएगी।
हिमाचल में 28 जून को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान
- फोटो : पीटीआई
हिमाचल प्रदेश में 28 जून (रविवार) को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान (नेशनल इम्यूनाइजेशन डे) की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अभियान के तहत प्रदेशभर में पांच वर्ष से कम आयु के करीब 5.94 लाख बच्चों को 4,753 पल्स पोलियो बूथों पर ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) की दो बूंदें पिलाई जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी जिलों में वैक्सीन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचा दी गई है। अभियान के सफल संचालन के लिए प्रशिक्षित टीकाकरण टीमों और पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। राज्य स्तरीय तैयारियों की समीक्षा 23 जून को स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य टीकाकरण कार्यबल (एसटीएफआई) की बैठक में की गई थी। वहीं सभी जिलों में उपायुक्तों की अध्यक्षता में भी समीक्षा बैठकें आयोजित कर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया गया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) हिमाचल प्रदेश के मिशन निदेशक प्रदीप कुमार ठाकुर ने प्रदेश के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे 28 जून को अपने पांच वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को नजदीकी पल्स पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर आएं। उन्होंने कहा कि बच्चे को पहले पोलियो की खुराक मिल चुकी हो, तब भी इस अभियान के दौरान दो बूंद पिलाना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि बूथ दिवस के बाद 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो पहले दिन किसी कारणवश छूट गए होंगे। आशा कार्यकर्ताओं ने सभी पात्र बच्चों की सूची पहले ही तैयार कर ली है, जिससे घर-घर अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जा सके।
मिशन निदेशक ने नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, शहरी निकायों के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों से भी अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2011 से वाइल्ड पोलियो वायरस मुक्त है, लेकिन पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अब भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में देश की पोलियो मुक्त स्थिति बनाए रखने के लिए प्रत्येक पल्स पोलियो अभियान बेहद महत्वपूर्ण है।