फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल पहुंची पद्मावती के विरोध की तपिश, कहा- नहीं चलने देंगे शो

Sun, 12 Nov 2017 12:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, परवाणू (सोलन)
विज्ञापन
विज्ञापन
निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती से जुड़ा विवाद हिमाचल के परवाणू तक पहुंच गया है। हरियाणा से सटे इलाकों में इसका जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। राजपूत और ब्राह्मण समाज ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
विज्ञापन


शनिवार को परवाणू में हरियाणा और हिमाचल के कुछ संगठनों ने बैठक की। हरियाणा के संभाजी ब्रिगेड के महासचिव सुभाष कालका ने बताया कि बैठक में मौजूद लोगों ने फिल्म के प्रति जबरदस्त रोष जताया है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि यह फिल्म देश के किसी भी सिनेमाघर में दिखाई गई तो आंदोलन किए जाएंगे। इसकी अलख परवाणू से जग गई है। युवा समाजसेवी राकेश शर्मा ने बताया कि इस तरह की फिल्म को रिलीज करना हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

कहा, फिल्म रिलीज हुई तो किसी भी सिनेमाघर में नहीं चलने देंगे शो

यदि फिल्म रिलीज होती है तो इसे किसी भी सिनेमाघर में लगने नहीं दिया जाएगा। राजपूत समाज के युवा नेता ठाकुर धर्म सिंह (खड़ीन) ने कहा कि पद्मावती के पति राजा रतन सिंह चित्तौड़ के महाराजा थे, जिन्हें अलाउद्दीन खिलजी ने धोखे से मार दिया था।

पद्मावती उनकी चिता में सती हो गई थी, लेकिन फिल्म में इतिहास को तोड़-मरोड़ कर दिखाया जा रहा है। यह हिंदुओं की आस्था पर चोट है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिल्म अभी सेंसर बोर्ड के पास है।

सभी संगठनों की मांग है कि इस पर रोक लगनी चाहिए। यदि सेंसर बोर्ड से फिल्म पास होती है तो वे राजस्थान की करणी सेना का समर्थन करेंगे। इस दौरान अरुण शर्मा, पुनीत शर्मा, जयदेव, राकेश ठाकुर, पंकू, हरविंदर ठाकुर, चंदन ठाकुर और मोहिल ठाकुर सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें