सूबे की नाहन और कंडा सेंट्रल जेलों में आधिकारिक रूप से जेल रेडियो का वीरवार को शुभारंभ हो गया। डीजी जेल सोमेश गोयल ने इसकी लांचिंग की। रेडियो की शुरूआत राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के संदेशों के साथ की गई।
जेल रेडियो के कार्यक्रमों को बनाने से लेकर उनके संचालन की पूरी जिम्मेदारी जेल के ही कैदी संभाल रहे हैं। कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए प्रोफेशनल रेडियो जॉकी से दोनों जेलों के दो-दो कैदियों को रेडियो जॉकी की ट्रेनिंग दी गई है।
हिमाचल की दो जेलों में सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों को अपना जेल रेडियो समर्पित कर दिया गया। जेल रेडियो में वीरवार को पहले दिन राज्यपाल और मुख्यमंत्री के संदेशों के बाद जेलों में कैदियों के लिए कई फरमाइशी गीत पेश किए गए।
इसके अलावा कैदियों के अपने लिखे और रिकार्ड किए गए कार्यक्रम पेश किए गए। डीजी जेल सोमेश गोयल ने बताया कि जेल रेडियो शुरू करने का मकसद कैदियों का हृदय परिवर्तन है, जिसके माध्यम से कैदियों को अच्छा इंसान बनने की ललक से जोड़ने की कोशिश है।
एफएम फ्रीक्वेंसी के लिए आवेदन कर दिया गया है। गोयल ने कहा कि इस रेडियो का रिस्पांस अगर अच्छा रहा तो इसे सूबे की अन्य जेलों में भी शुरू किया जाएगा।