प्रदेश सरकार ने वन्यजीव संरक्षण संशोधन अधिनियम 2022 के तहत एक स्थायी समिति का गठन किया है। यह समिति राज्य वन्यजीव बोर्ड की ओर से दिए शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश के वन मंत्री को समिति का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अर्की से विधायक संजय अवस्थी और फतेहपुर से विधायक भवानी सिंह पठानिया भी सदस्य बनाए गए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव (वन) भी समिति के सदस्य होंगे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एचओएफएफ) भी इस महत्वपूर्ण समिति का हिस्सा हैं। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान के निदेशक भी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। शिमला के पुलिस महानिरीक्षक और पशुपालन निदेशक भी समिति में शामिल हैं। मत्स्य पालन निदेशक और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के प्रतिनिधि भी सदस्य बनाए गए हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। इस स्थायी समिति का मुख्य उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करना है। यह समिति वन्यजीव संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2022 के प्रावधानों के तहत कार्य करेगी। इसे राज्य वन्यजीव बोर्ड द्वारा सौंपे गए विशिष्ट अधिकार और कर्तव्य निभाने होंगे। समिति विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित करेगी।