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हिमाचल: निजी वन उत्पादों के दाम पांच प्रतिशत बढ़े, नई दरें लागू, सरकार ने जारी की अधिसूचना

Wed, 10 Jun 2026 06:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

अतिरिक्त मुख्य सचिव वन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा दरों में पांच प्रतिशत की वृद्धि की गई है। 
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हिमाचल वन विभाग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निजी वन उत्पादों की कीमतें तय कर दी हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव वन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा दरों में पांच प्रतिशत की वृद्धि की गई है। संशोधित दरों की विस्तृत सूची में विभिन्न वन मंडलों और पेड़ों की किस्मों जैसे देवदार, कैल, फर या स्प्रूस, चीड़, साल, सैन, ओक और अन्य चौड़ी पत्ती वाली किस्मों के लिए प्रति घन मीटर मूल्य निर्धारित किए गए हैं। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश वन उत्पाद व्यापार विनियमन अधिनियम 1982 की धारा सात के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। नई दरें वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 6 सितंबर को अधिसूचित दरों में पांच प्रतिशत की वृद्धि के साथ लागू होंगी। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि वन उत्पादों के व्यापार से संबंधित अन्य सभी नियम और शर्तें नहीं बदलेंगी। यह नियम और शर्तें विभाग की 31 मार्च 2011 की अधिसूचना संख्या एफएफई-बी-ए(4)-3/2005-वॉल-दो में निर्धारित की गई थीं।

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मुख्य वन उपज का मूल्य निर्धारण

स्थान देवदार कैल फर सप्रूस चीड़
चंबा 115671 8279 2647 2126 -
भरमौर 14653 7935 2647 2649 -
पालमपुर 14653 7935 2647 2002 -
धर्मशाला 14653 7935 2647 1870 -
मंडी 14653 9153 2647 1780 -
करसोग 14653 9075 2647 1780 -
चौपाल 16092 8454 2647 1742 -
नाहन 0 0 0 2148 -
ठियोग 14653 7935 2647 2339 -

अन्य वृक्ष प्रजातियों का मूल्य निर्धारण

स्थान चीड़ साल सैन
पांवटा 2148 5084 4951
रेणुका 2723 5084 4951
कुनिहार 2074 5084 4951
नालागढ़ 2074 5084 4951
ऊना 2028 5084 495
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वन्यजीव संरक्षण के लिए स्थायी समिति का गठन, राज्यपाल ने दी मंजूरी

 प्रदेश सरकार ने वन्यजीव संरक्षण संशोधन अधिनियम 2022 के तहत एक स्थायी समिति का गठन किया है। यह समिति राज्य वन्यजीव बोर्ड की ओर से दिए शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश के वन मंत्री को समिति का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अर्की से विधायक संजय अवस्थी और फतेहपुर से विधायक भवानी सिंह पठानिया भी सदस्य बनाए गए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव (वन) भी समिति के सदस्य होंगे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एचओएफएफ) भी इस महत्वपूर्ण समिति का हिस्सा हैं। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान के निदेशक भी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। शिमला के पुलिस महानिरीक्षक और पशुपालन निदेशक भी समिति में शामिल हैं। मत्स्य पालन निदेशक और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के प्रतिनिधि भी सदस्य बनाए गए हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। इस स्थायी समिति का मुख्य उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करना है। यह समिति वन्यजीव संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2022 के प्रावधानों के तहत कार्य करेगी। इसे राज्य वन्यजीव बोर्ड द्वारा सौंपे गए विशिष्ट अधिकार और कर्तव्य निभाने होंगे। समिति विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित करेगी।
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