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हिमाचल: जल संकट से राहत की तैयारी, चार माह में बहाल होंगी 62 योजनाएं

Wed, 24 Jun 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 लंबित योजनाओं को चालू करने के लिए जल शक्ति विभाग ने बिजली बोर्ड को 48.89 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। मंगलवार को जल शक्ति विभाग के सचिव डाॅ. अभिषेक जैन की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
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सिंचाई सुविधा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में निष्क्रिय पड़ी 62 पेयजल और सिंचाई योजनाओं को 4 माह के भीतर क्रियाशील कर दिया जाएगा। इनमें जून में तीस, जुलाई में तेरह, अगस्त में दस और सितंबर में नौ योजनाएं चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। लंबित योजनाओं को चालू करने के लिए जल शक्ति विभाग ने बिजली बोर्ड को 48.89 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। मंगलवार को जल शक्ति विभाग के सचिव डाॅ. अभिषेक जैन की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। अभिषेक जैन ने बताया कि जल शक्ति विभाग ने प्रदेश में 140 करोड़ रुपये की 45 पेयजल और सिंचाई योजनाओं को क्रियाशील कर दिया है।

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विभाग का लक्ष्य हर घर और खेत तक पानी पहुंचाना है। इन योजनाओं से प्रदेश की बड़ी आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त 79 अन्य योजनाओं को भी अगले दस दिनों में चालू कर दिया जाएगा, जिनमें बिजली आपूर्ति का कार्य पूरा हो चुका है। विभाग ने 66.52 करोड़ रुपये खर्च कर 134 योजनाओं में बिजली आपूर्ति और उपकरणों संबंधी कार्य पूरे किए हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के निर्देशों पर विभाग पेयजल और सिंचाई योजनाओं के संचालन पर काम कर रहा है। जल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए विभाग नवाचार और प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहा है। विभाग द्वारा प्रस्तुत उपयोगिता प्रमाण पत्रों की संख्या में दो सौ एक फीसदी की वृद्धि हुई है। राज्य में 119 करोड़ रुपये की 388 योजनाओं के उपयोगिता प्रमाण पत्र दिए गए हैं। लंबित योजनाओं का प्रतिशत 54.25 फीसदी कम हुआ है।
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हर 15 दिन में पेयजल और सिंचाई योजनाओं की समीक्षा

जल शक्ति सचिव ने अधिकारियों को हिमाचल प्रदेश राज्य बोर्ड के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। यह समन्वय परियोजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण है। विभाग हर पंद्रह दिनों में विभिन्न पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहा है। बैठक में प्रमुख अभियंता अंजू शर्मा, विद्युत बोर्ड के प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी और मुख्य अभियंता राकेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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