सहायक दवा नियंत्रक निशांत सरीन (फाइल फोटो)
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फार्मा हब बद्दी में तैनात रहे सहायक दवा नियंत्रक (एडीसी) निशांत सरीन के खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच पूरी हो गई है। अब विजिलेंस ने सरकार से सरीन के खिलाफ फार्मा कंपनियों से रिश्वत लेने के मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने के लिए अभियोजन मंजूरी मांगी है। सरीन के खिलाफ विजिलेंस को ठोस सुबूत हाथ लगे हैं। बता दें कि सिंतबर 2019 में विजिलेंस ने सरीन के खिलाफ फार्मा कंपनियों से घूस लेने के संबंध में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था।
इस मामले में सरीन के ठिकानों पर छापों के बाद नए खुलासे होने शुरू हो गए थे। छापे के दौरान मिले दस्तावेजों से यह सामने आया था कि पिछले दो साल में वह करीब 25 बार देश के विभिन्न हिस्सों में घूमने गया। इस दौरान वह ताज, जेडब्ल्यू मैरियट और आईटीसी जैसे पांच सितारा होटलों में रुका।
इन होटलों की बुकिंग फार्मा कंपनियों ने कराई और कमरों का किराया भी कंपनियों ने अपने बैंक खातों से चुकाया था। इन शहरों को आने-जाने की फ्लाइट की टिकटें भी फार्मा कंपनियों ने ही कराई थी। जांच के मुताबिक निशांत दिल्ली, बंगलूरू, हैदराबाद, मुंबई, विशाखापटनम जैसे शहरों में कंपनियों के खर्चे पर घूमने गया था। इस दौरान उसकी एक महिला डॉक्टर मित्र भी साथ रहती थी जो एक फार्मा कंपनी में उच्च पद पर थी।
विजिलेंस ने इस डॉक्टर के घर पर भी दबिश देकर कई दस्तावेज जब्त किए थे। इसी दौरान उसकी एक फर्म में साझीदारी की भी बात सामने आई थी। फिलहाल जांच पूरी कर विजिलेंस ने चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि अभियोजन मंजूरी मिलते ही ब्यूरो कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर देगा।