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मुकेश और सीएम में तीखी नोकझोंक, बोले- कर्मचारियों को सरकार के खिलाफ भड़का रही कांग्रेस

Thu, 03 Mar 2022 06:23 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को कांग्रेस उकसाने का काम कर रही है। पलटवार करते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार से खुद कर्मचारी संभल नहीं रहे हैं और हमें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए आंदोलन कर रहे सरकारी कर्मचारियों को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री में गुरुवार को सदन के भीतर तीखी नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को कांग्रेस उकसाने का काम कर रही है। पलटवार करते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार से खुद कर्मचारी संभल नहीं रहे हैं और हमें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इस दौरान सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। विधानसभा अध्यक्ष ने शोरशराबे के बीच 4:50 बजे पांच मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष ने शुक्रवार सुबह 11:00 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

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गुरुवार  दोपहर बाद सदन में संकल्प प्रस्ताव के तहत हो रही चर्चा के लिए नेता विपक्ष ने मामला उठाते हुए कहा कि प्रदेश भर से कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शिमला आए हैं। सरकार इनकी बात सुनने की जगह बल प्रयोग कर आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। पूरे प्रदेश की पुलिस को विधानसभा के इर्द-गिर्द तैनात कर दिया गया है। कर्मचारियों पर केस दर्ज करने, सस्पेंड करने और ंंवेतन काटने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। विधानसभा का पूरी तरह से घेराव हो चुका है। परिसर के सभी गेट बंद करने पड़े हैं। इस पर जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि समाज के सभी वर्गों की समस्याओं को सुनने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के दरवाजे खुले हुए हैं। आज भी मुख्यमंत्री की ओर से सात लोगों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया गया लेकिन वे नहीं आए।

मंत्री ने कहा कि हजारों लोगों को विधानसभा में कैसे आने दें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से अधिक चिंता सरकार को कर्मचारियों की है। कांग्रेस को उन्हें उकसाने का काम नहीं करना चाहिए। इसी बीच मुख्यमंत्री सदन में आए। उन्होंने कहा कि हम स्थिति को नजदीक से देख रहे हैं। कांग्रेस उकसाने का काम कर रही है। हालात को खराब करने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को बात करने की तहजीब तक नहीं है। चीख कर बात करने से हम पर दबाव नहीं बनेगा। उन्होंने कहा कि इनकी राजनीतिक भूख कभी पूरी नहीं होगी। मुख्यमंत्री के इस बयान पर विपक्ष भड़क उठा और दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई।
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विपक्ष ने सदन में किया हंगामा
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा कर दिया। ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) लागू करने को लेकर कांग्रेस विधायक दल की ओर से सदन में स्थगन प्रस्ताव लाया गया। ओपीएस पर चर्चा करवाने की मांग को विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार की ओर से नामंजूर करने पर पहले विपक्ष ने सदन में नारेबाजी की।

इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष की ओर से प्रश्नकाल आरंभ करने पर विपक्ष के सदस्य अपनी सीट छोड़कर वेल तक आ पहुंचे। यहां पर करीब 17 मिनट तक नारेबाजी की। इसके बाद सदन से वाकआउट कर दिया। माकपा विधायक राकेश सिंघा का भी विपक्ष को साथ मिला। वह भी सदन छोड़कर बाहर निकल गए। नारेबाजी के बीच ही स्पीकर ने सदन में प्रश्नकाल शुरू किया। सत्तापक्ष के विधायक ही शोर-शराबे के बीच सवाल पूछते रहे और मंत्री जवाब देते रहे।

विकास दर 8.3 प्रतिशत रहने का अनुमान
हिमाचल प्रदेश की विकास दर 2021-22 में 8.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है जोकि पिछले वर्ष 2020-21 में माइनस 5.2 प्रतिशत थी। आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह दी जानकारी। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 2021-21 में 1 लाख 56 हजार 675 करोड़ रुपये से बढ़कर 2021-22 में अग्रिम अनुमानों के अनुसार 1 लाख 75 हजार 173 करोड़ रुपये होने की संभावना है। प्रति व्यक्ति आय 2020-21 में 1 लाख 83 हजार 333 रुपये से बढ़कर 2021-22 में 10.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ दो लाख 01 हजार 854 रुपये तक पहुंचना अनुमानित है। वर्ष 2021-22 के दौरान कृषि क्षेत्र में वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत, विनिर्माण क्षेत्र में 11.3 प्रतिशत, निर्माण क्षेत्र में 13.3 प्रतिशत, व्यापार, होटल, रेस्तरां इत्यादि में 9.1 प्रतिशत की  वृद्धि दर अनुमानित है।

यूक्रेन से 198 विद्यार्थियों को कुशल हिमाचल पहुंचाया : सीएम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को विधानसभा सदनमें जानकारी दी कि यूक्रेन से 198 विद्यार्थियों को कुशल हिमाचल पहुंचाया गया है। अभी भी 249 विद्यार्थी यूक्रेन या समीपवर्ती देशों में फंसे हैं। इनमें से 53 विद्यार्थी खारकीव में हैं। सरकार का 163 बच्चों से संपर्क स्थापित हो गया है। अधिकारी विद्यार्थियों के परिवारों से मिल रहे हैं। यूक्रेन में फंसे बच्चों से भी संपर्क करने का प्रयास हो रहा है। चार केंद्रीय मंत्री पड़ोसी देशों में गए हैं। उनकी सकुशल वापसी का प्रयास किया जा रहा है। सरकार लगातार केंद्र के संपर्क में है। जो भी इनपुट विद्यार्थियों या अभिभावकों से मिल रहा है, इस बारे में कम्युनिकेट कर रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी संवेदनशील होकर प्रबंध कर रहे हैं।

हिमाचल भवन में ठहर रहे अफसरों के बच्चे, विधायकों के लिए कमरे नहीं 
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्राइवेट मेंबर्स डे पर वीरवार को बदलते परिवेश में विधायकों की भूमिका पर चर्चा हुई। रोहड़ू के कांग्रेस विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि हिमाचल भवन चंडीगढ़ और दिल्ली में विधायकों को कमरे नहीं मिलते हैं। अफसरों के बच्चे वहां कई-कई दिन से ठहरे होते हैं। कमरे भी रात सात बजे कंफर्म होते हैं। ये दोपहर को 12:00 बजे कंफर्म होने चाहिए।

वीरवार को सदन में लाए गए इस प्रस्ताव पर कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि विपक्ष के विधायक के काम रोके जा रहे हैं। चुने हुए और गैर चुने हुए का फर्क समझ आना चाहिए। चुने हुए प्रतिनिधियों की उपेक्षा कर हम गलत परंपरा बना रहे हैं। कांग्रेस विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा है कि अधिकारी उनके क्षेत्रों में विधायकों की बैठकों में नहीं आते हैं। वे कहते हैं कि कृपा करके उन्हें न बुलाएं और टारगेट न करवाएं।

चिट बनाकर भेजा जाए, काम हो जाएगा। बाबा बालकनाथ ट्रस्ट में विधायक को नहीं बुलाया जाता। नालागढ़ के विधायक लखविंदर सिंह राणा ने कहा कि बहुत से विधायक ऐसे हैं, जो खुद ही सारे काम करते हैं। उन्हें निजी सचिव और चालक दिए जाने चाहिए। बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पर विधायकों का पैसा खर्च नहीं होता। पंचायत प्रधान सदुपयोग न करें तो कार्रवाई करें। 

उपायुक्त जो पैसे देते हैं, उसमें भी विधायक को प्राथमिकता देनी चाहिए। सोलन के कांग्रेस विधायक धनीराम शांडिल ने कहा कि विधायकों की संस्था को प्रभावी बनाएं। वह अपने काम को तभी ठीक से करेगा, जब उसका सम्मान होगा। नादौन के कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि आज जहां सीएम हैं, कल वहां कोई और होगा। विधायकों का प्रोटोकॉल तय करें। विधायकों के लिए तहसील में कार्यालय खुले, विधायक विश्राम गृह में बैठते हैं। हर साल विधायकों की संपत्ति सार्वजनिक हो। इसके लिए वेबसाइट बनाएं। उसमें यह स्पष्ट हो कि कहां से कमाई की गई है। इससे विधायकों के काम में पारदर्शिता रहेगी।

परमार बोले, हमारे पास पंजाबी का अनुवादक नहीं 
ऊना के विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने पंजाबी में अपनी बात करनी चाही तो इस पर विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार बोले - हमारे पास ट्रांसलेटर (अनुवादक) नहीं है। हिंदी में बात करें।

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