हिमाचल प्रदेश में होटलों-रेस्तरांओं में कार्यरत हजारों कामगारों को तीन दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। राज्य कौशल विकास निगम ने लाहौल-स्पीति से इस अभियान को शुरू कर दिया है। यह हर जिले में चलेगा। कामगारों को तीन दिन के प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। इसे वे कहीं अन्यत्र रोजगार प्राप्त करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकेंगे। निगम के समन्वयक नवीन शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
निगम समन्वयक नवीन शर्मा का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में होटलों, रेस्तराओं, ढाबों आदि के कामकाज में मुस्तैद बहुत से ऐसे कामगार हैं, जिनके पास उनके कामकाज के प्रशिक्षण का कोई प्रमाणपत्र नहीं हैं। खास बात यह भी है कि इनमें से हजारों लोगों से लंबे समय से काम का प्रैक्टिकल अनुभव है। ऐसे कामगारों को तीन दिन का आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण देने के लिए निगम ने पहले से ही कई कंपनियों को इंपैनल कर रखा है। ये कंपनियां जगह-जगह पर चिन्हित स्थानों पर ऐसे कामगारों को प्रशिक्षण देंगी और उन्हें इसके लिए प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। आमतौर पर ऐसे लोगों के पास प्रशिक्षण के लिए बहुत अधिक समय नहीं होता है। इसलिए इनके लिए खास तौर पर तीन दिन का कोर्स तैयार किया गया है।
एकल नारियों, विधवाओं के लिए भी तैयार किया जा कोर्स
एकल नारियों और विधवाओं के लिए भी कौशल विकास का खास कोर्स तैयार किया जा रहा है। इस कोर्स से वे स्वरोजगार प्राप्त कर सकेंगी। निगम इस दिशा में काम कर रहा है। इसके अलावा दिव्यांगजनों के लिए भी कोर्स तैयार हो रहा है।