राज्य बिजली बोर्ड ने 48 श्रेणियों के करीब 2600 कर्मचारियों के वेतन में प्रति माह 250 से 750 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। जनवरी 2012 से जनवरी 2016 के दौरान पदोन्नत और नियुक्त कर्मियों को बोर्ड प्रबंधन ने पुराने वेतन पर बढ़ी हुई ग्रेड पे देने की अधिसूचना जारी कर दी है। अक्तूबर महीने से बोर्ड कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी।
बिजली बोर्ड की इंप्लाइज यूनियन लंबे समय से ग्रेड पे की विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर मुखर थे। बोर्ड प्रबंधन ने ग्रेड पे देने का फैसला तो लिया लेकिन 2012 से 2016 के बीच की अवधि निर्धारित कर यूनियन को नाराज कर दिया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप खरवाडा और महासचिव हीरालाल वर्मा ने ग्रेड पे देने के फैसले का विरोध किया है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड प्रबंधन के फैसले का जनवरी 2016 के बाद पदोन्नत और नियुक्त होने वाली कर्मियों को लाभ नहीं मिलेगा। प्रबंधन पर भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए यूनियन के पदाधिकारियों ने 13 अक्तूबर को बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस के बाहर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।
यूनियन ने कहा है कि ग्रेड पे में दोबारा पैदा की गई इस विसंगति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महासचिव हीरालाल वर्मा ने बताया कि बोर्ड ने नए सब स्टेशनों में 550 पद भरने को लेकर यूनियन के साथ हुई बैठक में सहमति जताई थी लेकिन इस संदर्भ में अभी तक पद भरने का फैसला नहीं लिया है। इसको लेकर भी प्रबंधन का विरोध जताया जाएगा।