हिमाचल के एनसीसी कैडेट अब प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों के हाथों से बनी वर्दियां पहनेंगे। एनसीसी में तैनात अधिकारियों ने जेल मुख्यालय को शिमला के कैडेटों के लिए वर्दी बनाने का ऑर्डर दे दिया है। ऑर्डर मिलने के साथ ही जेल विभाग के निर्देश पर विभिन्न जेलों में वर्दियां बनाने काम शुरू हो गया है।
बाद में उन्हीं वर्दियोें को पहन कर एनसीसी कैडेट प्रदेश की उन जेलों का दौरा करेंगे, जहां पर स्थित उद्योगों में उनकी वर्दियां बनी होंगी। यह पहली बार है जब किसी सरकारी संगठन ने प्रदेश के जेल विभाग को एक बड़ा ऑर्डर दिया है।
जेलों में चल रहे विभिन्न उद्योगों से सालाना करीब तीन से चार करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इन कामों को जेल में बंद कैदी करते हैं और बिक्री भी वही करने जाते हैं। डीजी जेल सोमेश गोयल ने बताया कि वर्दियों की जल्द सप्लाई करने की कोशिश की जा रही है।
कैडेटों की वर्दियां बना रहे कैदी भी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। गोयल ने कहा कि इस ऑर्डर के बाद अन्य जगहों के लिए भी वर्दी बनाने का काम शुरू किया जाएगा। गोयल ने बताया कि इस साल जेल विभाग को करीब पांच करोड़ का कारोबार करने की संभावना है। कमाई बढ़ने के साथ ही कैदियों का मेहनताना भी बढ़ जाएगा।