हिमाचल प्रदेश के सभी न्यायालयों में शनिवार को ऑनलाइन लोक अदालत के जरिये 86,435 मामले सुलझाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें लोगों को प्री-लिटिगेशन चरण के 68,872 वाहन चालान को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भुगतने का घर बैठे मौका दिया गया है। इस ऑनलाइन लोक अदालत के दौरान आम जनता को कंपाउंडिंग शुल्क/जुर्माने के ऑनलाइन भुगतान के लिए सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे वह घर बैठे जुर्माने का भुगतान कर सकेंगे।
समय और पैसे की बचत के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने ऑनलाइन लोक अदालत की पहल की है। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन और पोस्ट-लिटिगेशन के मामलों को निपटाने की कोशिश भी की जाएगी। प्राधिकरण ने इसके लिए प्रदेशभर में 133 लोक अदालत बेंच का गठन किया गया है।
पुलिस और परिवहन विभाग के साथ समन्वय कर वाहन चालान और छोटे मामलों की अधिकतम पहचान और इसके प्रभावी निपटान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रामचन्द्र राव और न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान के कुशल मार्गदर्शन में हिमाचल प्रदेश की सभी अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है।
राष्ट्रीय लोक अदालतों का मुख्य लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा मामलों को आपसी सहमति से निपटाना है। इससे पहले 13 मई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 36,383 मामलों को निपटारा किया गया था और निपटाए गए दावेदारों को 53 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी। इस लोक अदालत के लिए 2,85,605 मामलों को चिह्नित किया गया था। इस वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में भी पक्षकारों ने बढ-चढ़कर भाग लिया था। इस लोक अदालत में 42,274 मामलों का निपटारा करते हुए 64.12 करोड़ रुपये की राशि दावेदारों में आवंटित की गई थी।
- वीरेंद्र शर्मा सदस्य सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण