नगर निगम महापौर को हटाने के लिए अब आधे नहीं तीन चौथाई सदस्य अधिकृत होंगे। हिमाचल प्रदेश में नगर निगम के चुनाव पार्टी चिह्न पर करवाने के लिए शुक्रवार को शहरी विकास मंत्री ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम संशोधन विधेयक 2021 विधानसभा पटल पर मंजूरी के लिए रखा है। प्रदेश में पहली बार महापौर का पद ओबीसी के लिए आरक्षित रहेगा। संशोधित विधेयक में सहकारी सभाओं के डिफाल्टर नगर निगम के चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल में चार नगर निगम धर्मशाला, सोलन, मंडी और पालमपुर में चुनाव होने हैं। सरकार ने हाल ही में पार्टी चिह्न पर नगर निगम के चुनाव करवाने का फैसला लिया था। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा में लाया गया। संशोधित विधेयक में महापौर पद के लिए ओबीसी रोस्टर लागू हो रहा है। इसमें अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पद आरक्षित रहेगा। संशोधित विधेयक में यह भी है कि अगर कोई पार्टी बदलता है तो उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाएगी। इन नगर निगम में 12 अप्रैल से पहले चुनाव होने प्रस्तावित है। शिमला नगर निगम का कार्यकाल 2022 में खत्म होगा।