कांग्रेस विधायकों के निलंबन रद्द करने के प्रस्ताव पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि हम रोज सदन में आपका इंतजार करते थे। हम सदन के भीतर अपनी बात कहते और आप बाहर मीडिया से। उन्होंने कहा कि मजा आमने-सामने बात करने में है। सदन में जो हम कहें वह आप सुनें और जो आप कहे वह हम सुनेंगे। चुटकी लेते हुए कहा कि अभिभाषण पर चर्चा एक ऐसा मौका होता है जब विपक्ष सरकार की ऐसी तैसी कर देता है लेकिन इस बात मौका चूक गए।
इससे पहले प्रस्ताव पर रामलाल ठाकुर ने उम्मीद जताई कि इस विवाद का प्रस्ताव के स्वीकार होने के साथ ही खात्मा हो जाएगा और न पक्ष न ही विपक्ष इस पर कोई टिप्पणी करेगा। गतिरोध खत्म करने में अहम भूमिका निभाने वाले विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जो हुआ वह करने की किसी की मंशा नहीं थी। साथ ही हम ऐसा कोई इतिहास नहीं बनाना चाहते थे कि सरकार सदन के अंदर बजट भाषण पढ़े और विपक्ष सदन के बाहर बजट भाषण की पोल खोले। इससे पहले विधायक आशा कुमारी व धनी राम शांडिल ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया।