मोबाइल फोन को चार्जिंग प्वाइंट पर लगाकर बात करना एक युवती को महंगा पड़ गया। स्पार्किंग की वजह से रामपुर की युवती का बाई तरफ का कान बुरी तरह से झुलस गया है। स्थानीय अस्पताल में उपचार के बाद आईजीएमसी अस्पताल पहुंची युवती के कान की सर्जरी करनी पड़ी। अब युवती की हालत स्थिर है।
प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने युवती की ओपीडी में जांच की और उसके बाद शरीर से चमड़ी का थोड़ा भाग निकालकर उसे कान के जले भाग में लगाया। चिकित्सकों ने घर या ऑफिस में काम के वक्त मोबाइल फोन को चार्जिंग पर लगाकर बात न करने की सलाह दी है। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. भव्य ठाकुर ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति मोबाइल फोन को चार्जिंग पर लगाता है तो वह इस दौरान ब्लू टुथ के जरिये मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर सकता है।
इससे जहां लोगों की सुरक्षा रहेगी, वहीं इस तरह की घटनाएं भी नहीं होंगी। उल्लेखनीय है कि आईजीएमसी में प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओपीडी सोमवार और वीरवार को होती है। डॉक्टरों की टीम ओपीडी में बैठकर रेफर मरीज या झुलसे मरीजों की जांच करते हैं। सोमवार को जहां 30 से 40 तो वीरवार को 20 से 30 मरीजों की औसतन ओपीडी होती है।