हिमाचल प्रदेश सूचना आयोग ने प्रदेश विश्वविद्यालय के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे भविष्य में आरटीआई एक्ट की अनुपालना करेें। अगर वे इसमें असफल होते हैं तो उनके खिलाफ पेनल्टी लगाई जाएगी। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नरेंद्र चौहान ने इस चेतावनी कि साथ चंबा निवासी पंकज महाजन की अपील का निपटारा कर लिया। यह अपील इस आधार पर दायर की गई कि 12 जुलाई 2019 के आरटीआई आवेदन पर कोई भी सूचना नहीं दी गई।
अपीलकर्ता ने बीबीए कोर्स के लिए सहायक आचार्यों की नियुक्ति के बारे में जानकारी मांगी गई। इस बारे में भर्ती एवं पदोन्नति नियमों की सूचना मांगी गई। इसमें गेस्ट फैकल्टी के मानदेय में बढ़ोतरी के बारे में भी सूचना मांगी गई। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से इस बारे में अपनाए गए नियमों के बारे मेें भी जानकारी चाही गई, मगर यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज (यूसीबीएस) के निदेशक ने इस संबंध में सूचना नहीं दी।
अपीलकर्ता ने आयोग में कहा कि पांच साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रथम अपीलीय अथारिटी ने इस संबंध में अपील को ड्रॉप नहीं किया। उसने दूसरी अपील को सुनने और मुआवजा देने की मांग की। आयोग ने कहा कि इस बारे में यूसीबीएस के निदेशक का जवाब उपयुक्त नहीं है। प्रथम अपीलीय अथारिटी के समक्ष दायर अपील का निपटारा समय पर नहीं करना भी आरटीआई एक्ट के प्रावधानों की अवहेलना है। आयोग ने कहा कि निदेशक यूसीबीएस और प्रथम अपीलीय अथॉरिटी भविष्य में आरटीआई एक्ट की अनुपालना करें, नहीं तो भविष्य में उन पर पेनल्टी लगाई जाएगी।