हिमाचल के हजारों बागवान विश्व बैंक की मदद से राज्य में चल रहे बागवानी विकास प्रोजेक्ट से सेब के पौधे खरीद पाएंगे। ये सेब के पौधे उन बागवानों को मिलेंगे जो प्रोजेक्ट में बने क्लस्टरों से जुड़े हैं या फिर उनकी जमीन में सिंचाई जल उपलब्ध है। विश्व बैंक की मदद से चल रहे 1134 करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत बागवानों को अच्छी किस्म के सेब पौधे मिल पाएंगे।
लंबे समय से विवादों में रहे विश्व बैंक के प्रोजेक्ट को पटरी में लाने के बाद प्रदेश के सेब उत्पादकों को अब सेब की नई किस्मों के सेब पौधे मिल सिंचाई सुविधा वाले बागवान विदेशी सेब पौधे लगा सकेंगे। विश्व बैंक का बागवानी विकास प्रोजेक्ट विवादों में आने के कारण बागवानों को सेब के पौधे नहीं दिए जा रहे थे। विदेशों से आयात किए सेब के पौधे बद्दी स्थित कोल्ड स्टोर में रखे गए थे।
सरकार के बदलते ही नई सरकार ने बागवानी विकास प्रोजेक्ट हाथ में लिया और इसके काम में गति लाने का प्रयास किया। इस बीच विश्व बैंक ने प्रोजेक्ट को लेकर सवाल उठाए और फिर सरकार ने प्रोजेक्ट के काम में तेजी लाने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही क्लस्टर बनाने का काम शुरू किया गया और साथ ही प्रोजेक्ट में करीब सौ नियुक्तियां की गई। इनमें तकनीकी स्टाफ भी शामिल है।
बागवानों को प्रति पौधा 200 रुपये में मिलेगा
राज्य सरकार ने विदेशों से करीब साढे़ तीन सौ रुपये में सेब का पौधा आयात किया है। इसे सरकार बागवानोें को दो सौ रुपये प्रति पौधे के हिसाब से बेचा जाएगा। प्रोजेक्ट में करीब सवा लाख सेब पौधे बागवानों के लिए उपलब्ध रहेंगे। प्रोजेक्ट निदेशक दिनेश मल्होत्रा कहते हैं कि प्रोजेक्ट में बागवानों कोे सेब के पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पहले चरण में सरकार करीब सवा लाख सेब के पौधे बेचेगी।