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सीएम वीरभद्र को हाइकोर्ट से मिली बड़ी राहत

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हिमाचल हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके पारिवारिक सदस्यों को राहत देते हुए इनकम टैक्स मामले की जांच चंडीगढ़ से कराने पर रोक लगा दी है। शिमला के इनकम टैक्स कमिश्नर ने बीती 14 जुलाई को मामले की जांच शिमला के बजाय चंडीगढ़ से कराने का आदेश पारित किया था।
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कमिश्नर ने आदेश में कहा था कि इनकम टैक्स मामलों की संयुक्त जांच चंडीगढ़ से कराई जाए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पत्नी प्रतिभा सिंह, बेटा विक्रमादित्य, बेटी अपराजिता कुमारी, चुनी लाल चौहान (प्रोप्राइटर), आनंद चौहान (केयर टेकर) ने इनकम टैक्स कमिश्नर के आदेश को चुनौती दी थी।
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शिमला में अकाउंट होने का दिया था हवाला

इन सभी ने याचिका में कहा था कि इन मामलों कि संयुक्त जांच शिमला में भी की जा सकती है, क्योंकि उनके बैंक अकाउंट भी शिमला में है। इसके अलावा शिमला का इनकम टैक्स विभाग भी जांच कर रहा है। कमिश्नर ने यह आदेश उन्हें परेशान करने के लिए जारी किया है। अदालत ने कमिश्नर के आदेश पर रोक लगाते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।

कमिश्नर का यह था आदेश
इनकम टैक्स कमिश्नर शिमला ने अपने आदेश में लिखा था कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों की आय नाटकीय तरीके से बढ़ी है। वर्ष 2009 से 2012 तक दायर की गई रिटर्न में भी अनियमितताएं पाई गई हैं। वकामुला चन्द्र शेखर से लिया गया ऋण, बीमा कंपनी में निवेश का जिक्र इनकम टैक्स रिटर्न में नहीं किया गया है।
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