राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कंडाघाट के पड़ाव मैदान से विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर राज्यपाल ने खुद झाड़ू थाम लिया और लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देव भूमि हैं, यहां देवता निवास करते हैं। देवता वहां निवास करते हैं, जहां स्वच्छता होती हो।
राज्यपाल ने कहा कि मौजूदा समय स्वच्छता हमारा सामाजिक दायित्व है और देश और राष्ट्र की आवश्यकता है। स्वच्छ शरीर मे स्वच्छ दिमाग रहता है और स्वच्छता इसकी पहली आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्तूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने जो स्वच्छ भारत का सपना देखा था वह चाहते थे कि विदेशों की तरह भारत भी स्वच्छ हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस सपने को साकार करने के लिए प्रयत्नशील हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हैं और इसकी प्रगति के लिए स्वच्छता बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि बच्चों ने स्वच्छता व पर्यावरण के जो सवाल किए हैं इससे पता चलता है कि समाज कितना जागरूक हो रहा है। राज्यपाल ने प्रदेश सरकार के प्लास्टिक मुक्त हिमाचल बनाने के लिए फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्लास्टिक कचरे को 75 रुपये प्रति किलो खरीदने का एलान किया है, वह सराहनीय कदम है।