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निजी स्कूल फीस नियंत्रित एक्ट पर सरकार ने मांगी कानूनी राय

Thu, 24 Dec 2020 11:04 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल में निजी स्कूलों की फीस नियंत्रित करने के लिए 1997 के एक्ट में बदलाव करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। शिक्षा विभाग ने इस संदर्भ में कानूनी राय लेने का फैसला लिया है। मामले की फाइल विधि विभाग को भेजी जाएगी। मार्च 2021 में प्रस्तावित विधानसभा के बजट सत्र में इस एक्ट में संशोधन किया जाना है।

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हर साल निजी स्कूलों की फीस से जुड़ी शिकायतें बढ़ने पर सरकार ने पुराने एक्ट में बदलाव करने का निर्णय लिया है। इसके तहत एसएमसी या किसी अन्य कमेटी को फीस निर्धारण में शामिल किया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश में निजी शिक्षण संस्थान (नियामक) एक्ट 1997 लागू है लेकिन, इसमें फीस तय किए जाने का प्रावधान नहीं है। एक्ट में बदलाव होने के बाद निजी स्कूलों को अपनी फीस व फंड सहित शिक्षकों का ब्योरा सरकार को देना होगा। हालांकि, फीस स्कूल स्वयं ही तय करेंगे लेकिन फीस पर नियंत्रण रखने के लिए सरकार कोई फार्मूला तैयार करेगी।
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इसके तहत निजी स्कूलों को निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के दायरे में भी लाया जा सकता है। वर्तमान एक्ट के तहत निजी स्कूलों को आयोग के दायरे में नहीं लाया जा सकता है। कई निजी स्कूलों की ओर से मनमाने तरीके से फीस वसूली करने और सरकार के आदेशों की अवहेलना करने की शिकायत बढ़ने पर शिक्षा विभाग को एक्ट में बदलाव करने के लिए प्रस्ताव बनाने को कहा गया है।

पुराने एक्ट की कमियों का फायदा उठाते हुए कई निजी स्कूल हर साल मनमाने तरीके से फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं। कोरोना संकट के दौरान निजी स्कूलों की फीस को लेकर प्रदेश में खूब बवाल हुआ है। स्कूल बंद रहने के बावजूद निजी स्कूलों ने अभिभावकों से पूरी फीस वसूल करना शुरू किया है। इसे लेकर प्रदेश में आए दिन विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

उधर, कानूनी तौर पर निजी स्कूलों की फीस नियंत्रित करने के लिए कोई नियम नहीं होने के चलते विभागीय अधिकारी भी हाथ पर हाथ धर कर बैठने को मजबूर हैं। 1997 के एक्ट में बदलाव होने से फीस तय करने के लिए नियम बनाए जाएंगे। इस एक्ट में संशोधन होने से प्रदेश के लाखों अभिभावकों को राहत मिलेगी।

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