आर्थिक संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार ने अब मुख्यमंत्री के सलाहकारों और निगम-बोर्डों के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों का कैबिनेट रैंक वापस ले लिया है। इसके साथ ही इन सात सियासी ओहदेदारों के वेतन-भत्तों में भी 20 फीसदी की कटौती कर दी है। ये कटौती तीस सितंबर तक के लिए ही की गई है। प्रदेश सरकार की ओर से इन्हें दी गईं कैबिनेट रैंक की सुविधाएं भी तत्काल प्रभाव से वापस हो जाएंगी। अमर उजाला ने मंत्रियों-विधायकों, सलाहकारों और निगम-बोर्डों के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के वेतन बढ़ोतरी के मामले को प्रमुखता से उठाया था। केंद्र की ओर से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने पर वित्त सचिव की ओर से प्रदेश के आर्थिक हालात पर दी गई प्रस्तुति के बाद अमर उजाला ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि आम आदमी को कड़े फैसलों के लिए आगाह कर रही सरकार पिछले एक साल में मंत्री-विधायकों का वेतन 24 फीसदी और निगम- बोर्डों के ओहदेदारों की पगार पांच गुना बढ़ा चुकी है।