निशुल्क सीट के लिए आवेदन करने वाले अभिभावकों से निजी स्कूल किसी भी तरह का पंजीकरण शुल्क और प्रोस्पेक्टस शुल्क नहीं ले सकेंगे। स्कूलों को प्रवेश फार्म निशुल्क उपलब्ध करवाना होगा।
कोटे की सीटों के लिए आवेदन करने वाले बच्चों की संख्या यदि तय सीटों से अधिक बढ़ जाती है तो सीटों का बंटवारा ड्रा से होगा। अभिभावकों, एसएमसी और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि की मौजूदगी में ड्रा होगा। अगर सीटें कम पड़ जाती है तो अन्य श्रेणियों के बच्चों को मौका दिया जाएगा।
जो निजी स्कूल सरकार या स्थानीय प्रशासन की ग्रांट के सहयोग के बिना चल रहे हैं। ऐसे स्कूलों को हर छात्र को मुफ्त में पढ़ाने की फीस राज्य सरकार लौटाएगी। प्रारंभिक शिक्षा के उपनिदेशक अपने-अपने जिलों में इस राशि का भुगतान निजी स्कूलों को करेंगे।