हिमाचल फसल विविधीकरण प्रोत्साहन योजना (जाइका) किसानों की आय बढ़ाने और कृषि गतिविधियों में विविधता लाने में वरदान सिद्ध हुई है। प्रधान सचिव कृषि ओंकार शर्मा ने कहा कि जाइका के प्रथम चरण में वर्ष 2011 से 2018 तक चली इस परियोजना की सफलता को देखते हुए, इसे 2020 तक बढ़ा दिया गया है। केंद्र सरकार ने इसके 1104 करोड़ के दूसरे चरण को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
इस परियोजना को अब प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जाएगा। राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान और केंद्र सरकार के कृषि किसान कल्याण मंत्रालय ने इस परियोजना के प्रभावों पर किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि जाइका ने परियोजना क्षेत्र में फसलों की पैदावार और किसानों की आय बढ़ाने में सकारात्मक प्रभाव डाला है। जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जाइका) से वित्त पोषित 321 करोड़ की इस परियोजना को पहले चरण में पांच जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और ऊना में लागू किया गया।