हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी भितरघातियों पर कार्रवाई की तैयारी में है। यह कार्रवाई जिला परिषदों में भितरघात, क्रॉस वोटिंग करने या करवाने वाले कांग्रेस पदाधिकारियों पर होगी। जिला परिषदों में अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के चुनाव में कुछ मामलों में क्रॉस वोटिंग के मामले सामने आए हैं तो कई वार्डों में चुनाव में भितरघात करने या पार्टी के समानांतर उम्मीदवारों को खड़ा करने के मामले उजागर हुए हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस पर सभी जिला कांग्रेस कमेटियों से जानकारी तलब की है। हाल ही में कांगड़ा जिला परिषद अध्यक्ष पद पर भाजपा काबिज हुई है जबकि उपाध्यक्ष पद कांग्रेस के पास है। कांगड़ा जिले में कांग्रेस विचारधारा का अध्यक्ष नहीं बन पाने का कारण काली भेड़ें होने की बात खुद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सार्वजनिक तौर पर कर चुके हैं।
कुछ और जिलों में भी जिला परिषदों में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के खिलाफ इसी विचारधारा से जुडे़ प्रत्याशियों को जानबूझकर खड़ा करने के मामले सामने आए हैं। ऐसे सभी मामलों को प्रदेश कांग्रेस कमेटी गंभीरता से देख रही है।
कई मामलों में प्रत्याशियों को जिला और ब्लॉकों के कांग्रेस पार्टी पदाधिकारियों ने भी उतारा है। ऐसे मामलों पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई हो सकती है। यानी कारण बताओ नोटिस देने के अलावा पार्टी से निलंबित या निष्कासित भी किया जा सकता है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष नरेश चौहान ने बताया कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू अनुशासनहीनता पर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि काली भेड़ों के मामले में पार्टी कार्रवाई करेगी। इसके लिए जिलों से सबूत जुटाए जाएंगे।