हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की लोकसभा चुनावों में हार पर मंथन की आखिरी बैठक भी हंगामेदार रही। इसमें कांग्रेस के सह प्रभारी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजा रामपाल सिंह ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख नेताओं की भाषणबाजी के बाद दो टूक जवाब दिया कि राज्य में कांग्रेस की हार वीरभद्र, सुक्खू या किसी अन्य की वजह से नहीं, यह सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कमजोर परफार्मेंस से हुई।
बैठक में वीरभद्र समर्थक नेताओं ने पार्टी नेतृत्व पर निशाने साधे तो दूसरे खेमे के नेताओं सहित स्वयं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सरकार और इसके मंत्रियों पर उंगली उठाई। सोमवार को 11 बजे शुरू हुई यह बैठक साढे़ चार बजे तक चलती रही।
इसमें प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों के अलावा फ्रंटल संगठनों के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। इसमें नेताओं की ओर से मोदी फैक्टर को हार का एक कारण माना जा रहा था, पर अधिकतर प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से एक-दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ रहे थे।
सह प्रभारी रामपाल सिंह बोले कि प्रदेश कांग्रेस नेता ऐसी गलतियां निकालना बंद करें कि किसी एक की कमी से हारे। असल मेें कमियां निकालेंगे तो कोई बचेगा नहीं। कुछ लोग संगठन में बदलाव की बात कर रहे हैं और वे भी जान लें कि ऐसे बदलाव के बजाय वे खुद को बदलें। उन्हें इस हार से सीख लेनी चाहिए। उनको बूथ स्तर पर कांग्रेस को मजबूत करना होगा।
सुक्खू ने बिना नाम लिए मंत्रियों पर साधे निशाने
सुक्खू भी काफी एग्रेसिव नजर आए। बोले, मोदी फैक्टर हमीरपुर से बाहर ही ज्यादा क्यों चला जबकि धूमल, अनुराग, सत्ती के क्षेत्र हमीरपुर में चलना चाहिए था। हैरानी है कि कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में मंत्रियों के हलकों में भाजपा ने खूब बढ़त ली। अन्य बड़े नेताओं के क्षेत्र में कुछ ऐसा हुआ। ऐसे लोगों को चेयरमैन-वाइस चेयरमैन बनाया गया जो मेंबर बनने लायक नहीं थे। इससे कांग्रेस का आम कार्यकर्ता नाराज हुआ। बैठक में कांग्रेस की दो नेत्रियों में भी किसी तीखी नोक-झोंक हुई।
ये नेता पहुंचे बैठक में
बैठक में हर्ष महाजन, रामलाल ठाकुर, हरभजन सिंह भज्जी, रंगीलाराम राव, मनभरी देवी, विक्रमादित्य सिंह, रवि ठाकुर, एएन विद्यार्थी, रिंपल चौधरी, बावा हरदीप सिंह, इंद्रदत्त लखनपाल, गीता नेगी, तारा ठाकुर, नसीमा बेगम, उर्मिल शर्मा, नरेश चौहान, सुरेंद्र चौहान आदि मौजूद हुए।