हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर
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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी हठधर्मिता के चलते सदन की कार्यवाही को सुचारु नहीं करना चाहती। सरकार को इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाकर विपक्ष का आदर करते हुए इस मसले को सुलझाने में पहल करनी चाहिए। कहा कि सदन के नेता के तौर पर मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी बनती है कि वह सदन की कार्यवाही सुचारु करने की पहल करें।
सदन के भीतर निलंबित कांग्रेस विधायकों को अपनी बात कहने का पूरा समय दिया जाना चाहिए। कांग्रेस विधायकों ने ऐसा कोई अपराध नहीं किया है, जिसकी उन्हें सजा दी जा रही है। राठौर ने कहा कि सरकार के गलत फैसलों और लोगों की समस्याओं को सरकार के समक्ष रखना विपक्ष की नैतिक जिम्मेदारी ही नहीं, उनकी सांविधानिक जिम्मेदारी भी है।
कहा कि भाजपा सरकार के अलोकतांत्रिक निर्णयों व जनविरोधी नीतियों के लिए कांग्रेस अब किसी भी संघर्ष के लिए तैयार है। अगर यह निलंबन जल्द रद्द नहीं किया जाता तो पूरे प्रदेश में इसके खिलाफ एक बड़ा जनांदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पांच मार्च को जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे।
10 मार्च को शिमला में प्रदेश भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों व फैसलों के खिलाफ चौड़ा मैदान आंबेडकर चौक पर जनसभा की जाएगी। इसमें प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला विशेष तौर पर हिस्सा लेंगे। इस जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सहित सभी विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी, अग्रणी संगठनों के प्रमुख व कार्यकर्ता शामिल होंगे।