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बोर्ड का अब एक और कारनामा, मैथ में फेल सभी स्टूडेंट्स किए पास

Mon, 19 Jun 2017 02:20 PM IST
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में गड़बड़ियों के एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दरब्यार में गणित की पूरी क्लास को पहले फेल करने और बाद में 50 से अधिक अंक देकर पास करने के बाद अब एक और मामला सामने आया है।
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हमीरपुर जिला की ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पौहंज में बारहवीं में गणित में पूरी क्लास को शिक्षा बोर्ड ने फेल कर दिया। बच्चों ने बोर्ड में री-चेकिंग के लिए आवेदन किया लेकिन बोर्ड ने रिजल्ट नहीं दिया।

अमर उजाला में दरब्यार स्कूल का मामला प्रकाशित होने के बाद इस स्कूल के बच्चों ने भी आरटीआई के जरिये सूचना मांगी। इसके बाद बोर्ड ने सभी 5 बच्चों को प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर दिया।
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बोर्ड ने अब इस तरह दिए अंक

इससे पहले 24 अप्रैल को बोर्ड की ओर से घोषित बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में पौहंज स्कूल की नॉन मेडिकल की पूरी क्लास को गणित विषय में फेल कर दिया था। कक्षा के तीन छात्रों को जीरो, जबकि दो को 33-33 नंबर दिए थे।

इसके चलते ये बच्चे जेईई और हिमाचल प्रदेश तकनीकी विवि की प्रवेश परीक्षा समेत कोई भी परीक्षा नहीं दे पाए। लेकिन आरटीआई और री-चेकिंग के बाद बोर्ड ने सभी पांचों बच्चों को पास कर दिया। इस तरह के मामले सामने आने के बाद अब बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

बोर्ड ने अब इस तरह दिए अंक
सौरभ सिपहिया पहले 0 अंक थे, अब 43 अंक दिए गए 
विनश ठाकुर पहले 0 अब 42, विशाल पठानिया पहले 0 अब 42 अंक
आशीष कुमार पहले 03 अब 50, विनय लगवाल पहले 03 अब 54 अंक 
सौरभ ने 500 में से 319, विशाल ने 500 में से 300, विनय ने 500 में से 300, आशीष ने 293, विनश ने 500 में से 274 अंक हासिल कर अब प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की है।
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रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई

शुभकरण सिंह, सचिव, हिप्र. स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला - फोटो : File Photo
जिला हमीरपुर के पौहंज स्कूल का मामला ध्यान में आया है। रावमापा दरब्यार की तरह इस स्कूल के भी सभी बच्चे पास हुए हैं। दोनों मामलों के लिए जांच टीम गठित कर दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई होगी। -शुभकरण सिंह, सचिव, हिप्र. स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला

सरकार को भेजा जाएगा मामला
परीक्षाओं का संचालन शिक्षा बोर्ड करता है, लेकिन आंसरशीट्स की चेकिंग स्कूल के अध्यापकों से करवाई जाती है। दोनों मामलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी अध्यापकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाने के लिए सरकार के समक्ष मामला भेजा जाएगा। वैसे भी कार्रवाई तो शिक्षा विभाग को ही करनी है न कि शिक्षा बोर्ड को। -बलवीर तेगटा, चेयरमैन हिप्र. स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला

आरटीआई से आवेदन किया तो पांचों विद्यार्थी पास
हमारे स्कूल में दस जमा दो में नॉन मेडिकल के पांच विद्यार्थी थे। सभी पांच विद्यार्थी गणित विषय में फेल थे। री-चेकिंग के लिए आवेदन किया था, लेकिन रिजल्ट नहीं मिला। इसके बाद अब आरटीआई के तहत आवेदन किया तो पांचों विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण हैं। -उर्मिल सागर, प्रिंसिपल, रावमापा पौहंज, जिला हमीरपुर
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