इस निर्णय का सीधा लाभ घरेलू उपभोक्ताओं, दुकानदारों, छोटे कारोबारियों, किसानों, पर्यटन क्षेत्र और उद्योगों को मिलेगा। आयोग ने बिजली बोर्ड के लिए वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता सुधारने का अनंतिम प्रक्षेपवक्र स्वीकृत किया है, जिसके आधार पर वितरण व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। बिजली गुल होने और लंबे समय तक आपूर्ति बहाल न होने की शिकायतें सामने आती हैं। नए रोडमैप के लागू होने से बिजली कटौती के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। यदि किसी कारण से बिजली बाधित भी होती है तो उसे पहले की तुलना में जल्दी बहाल करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
आयोग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग प्रदर्शन लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इसके तहत वर्ष दर वर्ष बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। लक्ष्य यह है कि उपभोक्ताओं को सालभर में कम समय के लिए बिजली कटौती का सामना करना पड़े और बिजली बाधाओं की संख्या भी घटे।
नियामक आयोग का मानना है कि विश्वसनीयता सूचकांकों में सुधार से बिजली वितरण प्रणाली अधिक उपभोक्ता-केंद्रित बनेगी। अगले छह वर्षों में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बिजली बोर्ड को तकनीकी उन्नयन, स्मार्ट मीटरिंग और निगरानी तंत्र को मजबूत करना होगा।