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Himachal News: हिमाचल में अब कम लगेंगे बिजली कट, बत्ती गुल होने पर जल्द होगी आपूर्ति बहाल

Mon, 22 Jun 2026 12:02 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2030-31 तक बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाने के लिए नया रोडमैप मंजूर किया है। इसके तहत बिजली कटौती की अवधि और आवृत्ति कम की जाएगी तथा बिजली बाधित होने पर आपूर्ति पहले की तुलना में तेजी से बहाल की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर...
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। आने वाले वर्षों में राज्य में बिजली आपूर्ति पहले से अधिक स्थिर, भरोसेमंद और पारदर्शी बनने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की ओर से मंजूर किए गए नए रोडमैप के तहत वर्ष 2030-31 तक बिजली कटौती की अवधि और उसकी आवृत्ति में क्रमिक कमी लाने का लक्ष्य तय किया गया है।

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इस निर्णय का सीधा लाभ घरेलू उपभोक्ताओं, दुकानदारों, छोटे कारोबारियों, किसानों, पर्यटन क्षेत्र और उद्योगों को मिलेगा। आयोग ने बिजली बोर्ड के लिए वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता सुधारने का अनंतिम प्रक्षेपवक्र स्वीकृत किया है, जिसके आधार पर वितरण व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। बिजली गुल होने और लंबे समय तक आपूर्ति बहाल न होने की शिकायतें सामने आती हैं। नए रोडमैप के लागू होने से बिजली कटौती के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। यदि किसी कारण से बिजली बाधित भी होती है तो उसे पहले की तुलना में जल्दी बहाल करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। 

आयोग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग प्रदर्शन लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इसके तहत वर्ष दर वर्ष बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। लक्ष्य यह है कि उपभोक्ताओं को सालभर में कम समय के लिए बिजली कटौती का सामना करना पड़े और बिजली बाधाओं की संख्या भी घटे। 

नियामक आयोग का मानना है कि विश्वसनीयता सूचकांकों में सुधार से बिजली वितरण प्रणाली अधिक उपभोक्ता-केंद्रित बनेगी। अगले छह वर्षों में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बिजली बोर्ड को तकनीकी उन्नयन, स्मार्ट मीटरिंग और निगरानी तंत्र को मजबूत करना होगा।
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बिजली जाने पर कम होगी परेशानी : आयोग ने ग्राहक औसत व्यवधान अवधि और ग्राहक औसत व्यवधान आवृत्ति जैसे मानकों में भी सुधार के निर्देश दिए हैं। यदि बिजली जाती भी है तो उपभोक्ताओं को कम समय तक इंतजार करना पड़ेगा और आपूर्ति तेजी से बहाल होगी। इससे रोजमर्रा की जिंदगी पर बिजली कटौती का असर कम होगा।

स्मार्ट मीटरिंग से बदलेगी तस्वीर : बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्मार्ट मीटरिंग को अहम आधार बनाया गया है। भविष्य में बिजली आपूर्ति और कटौती से जुड़े आंकड़े स्मार्ट मीटरों, फीडरों और वितरण ट्रांसफार्मरों से सीधे प्राप्त होंगे।
 
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