कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण में जुटी कंपनी को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोटिस भेजा है। लोगों की शिकायत के बाद बोर्ड ने बीती आठ जुलाई को भवाणा में औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान निर्माण कार्य में लापरवाही पाई गई थी। लिहाजा, बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अतुल परमार द्वारा 20 जुलाई को पत्र संख्या पीसीबी/ए.ई.ई/बीएल.पी/23/ नोटिस फाइल/2019-1159-64 जारी कर मैसर्ज सीजल इंडिया कंपनी से 15 दिन के भीतर जवाब तलब किया गया है।
बोर्ड को संतोषजनक जवाब न मिला तो कंपनी यूनिट पॉल्यूशन एक्ट 1974 की धारा 35 ए, वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण एक्ट 1981 की धारा 311 के तहत कार्रवाई की जाएगी। कंपनी पर एनजीटी के निर्देशानुसार हर्जाना भी लगाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फोरलेन प्रभावित एवं विस्थापित समिति बिलासपुर ने शिकायत दी थी कि सुंदरनगर के भवाणा में निर्माण कार्य में लगी कंपनी द्वारा मक डंपिंग की जा रही है। इससे जल, वायु सहित खड्डों को नुकसान हो रहा है।
कंपनी को चेताया गया है कि तय की गई साइट पर ही डंपिंग करे लेकिन नियमों की अनदेखी की जा रही है। फोरलेन निर्माण में बरती जा रही अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय के बाद अब राज्य सरकार के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जवाब मांगा है। इसकी प्रतिलिपि एसडीएम सुंदरनगर, अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता बीबीएमबी, अधीक्षण अभियंता लोनिवि सुंदरनगर, मत्स्य विभाग के अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।