मंदिरों में चढ़ने वाले फूलों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नया तरीका निकाला है। इसके तहत अब फूलों से धूप व अगरबत्ती बनाने का काम किया जाएगा। शुरूआती दौर में कांगड़ा के ब्रजेश्वरी देवी मंदिर में सफल ट्रायल के बाद अब बोर्ड ने इस प्रक्रिया को सभी मंदिरों के सहयोग से विस्तृत रूप से संचालित करने की ठानी है।
इसी के तहत बोर्ड ने भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग को पत्र लिखकर मंदिरों में चढ़ने वाले फूलों का ब्यौरा मांगा है। दरअसल, सूबे के मंदिरों में हर रोज करीब बीस टन फूलों का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। इन फूलों को अभी तक मंदिर प्रशासन मंदिर की सफाई के नाम पर नदियों, नालों व आसपास के खाली मैदानों में फेंक देते थे।