वीडियो में अगर पाया गया कि कार्यक्रम का उपयोग जनता से जुड़ने, चुनावी अपील के लिए किया है तो प्रत्याशी की मुश्किल बढ़ना तय है। आम तौर पर नेता कार्यकर्ताओं के साथ ऐसे कार्यक्रमों के जरिये लोगों से जुड़ने की रणनीति बनाते हैं।
मुख्य निर्वाचन कार्यालय के अनुसार बड़े कार्यक्रमों के अलावा जन्मदिन, मुंडन जैसे छोटे आयोजनों पर भी नजर रखने के लिए लेखपाल व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद ली जाएगी। कोशिश यह है किसी भी ऐसे कार्यक्रम में प्रत्याशी मतदाता को किसी भी तरह के लालच या आश्वासन के जरिये प्रभावित न कर सके।