नवनिर्वाचित सांसद के इस संपत्ति विवाद पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू में सोमवार को खूब वार-पलटवार हुए। इधर, इस मामले में अनुराग शर्मा ने दो टूक कहा कि उनकी संपत्ति पैतृक है। वह पिता के कारोबार को संभाल रहे हैं। उन्हें अभी यह जानकारी नहीं है कि किसी ने उनके खिलाफ शिकायत की है। शपथ पत्र में कुछ गलत नहीं। कोई शिकायत करना चाहता है तो कर ले, वह किसी से डरने वाले नहीं।
ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने एक सैद्धांतिक निर्णय लेते हुए राज्यसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतारा। इससे कांग्रेस को स्वाभाविक रूप से बड़ा अवसर मिला। राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता दिल्ली जाकर अपना पक्ष रख रहे थे और कई नेताओं को मुख्यमंत्री की ओर से भरोसा दिलाया जाता रहा कि उनके नाम पर विचार किया जा रहा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा की ओर से सार्वजनिक रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त करना इस बात का प्रमाण है। आज सरकार मंत्रिमंडल से नहीं बल्कि मित्र मंडल से चलाई जा रही है। फैसले मंत्रिमंडल की बैठकों में नहीं बल्कि एक सीमित मित्र मंडल के बीच लिए जा रहे हैं, जहां यह तय होता है कि किसे लाभ देना है और किसे किनारे करना है। नेता विपक्ष ने कहा कि अवैध पेड़ कटान, वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सत्ता में आते ही जांच करवाई जाएगी।