प्रदेश पुलिस को पहला जैमर वाहन मिल गया है। केंद्र सरकार की एक कंपनी की मदद से करीब डेढ़ करोड़ रुपये से इस जैमर वाहन को तैयार करवाया गया है। इस वाहन के पुलिस के पास होने पर अब प्रदेश में आने वाले वीआईपी के वाहन के आसपास किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को निष्क्रिय करने करने वाले वाहन के लिए दूसरे राज्यों का मुंह नहीं ताकना होगा।
इससे पहले प्रदेश में किसी भी वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान हिमाचल पुलिस के खुफिया विभाग को जैमर के लिए पंजाब या हरियाणा का रुख करना पड़ता था। जीप में जैमर डिवाइस लगाया गया है जो सौ मीटर के दायरे में आने वाले किसी भी इलेक्ट्रानिक डिवाइस को कुछ देर के लिए निष्क्रिय कर देता है। हिमाचल में हर साल वीवीआईपी का आना जाना लगता रहता है।
कई जेड प्लस या उससे उच्च सुरक्षा प्राप्त नेताओं के आने पर जैमर वाहन मंगाने पड़ते हैं। डीजीपी सीताराम मरडी ने बताया कि इस वाहन को पुलिस आधुनिकीकरण के लिए मिलने वाले बजट से खरीदा गया है।
जल्द होगी बुलेट प्रूूफ कार की खरीद
हिमाचल पुलिस के खुफिया विभाग ने जैमर वाहन के बाद बुलेट प्रूफ कारों की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो दो बुलेट प्रूफ कार खरीदने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। इनके आने के बाद अगर एक बार में एक वीवीआईपी आता है तो सिक्योरटी के लिए प्रदेश पुलिस को दूसरे प्रदेशों की ओर नहीं देखना पड़ेगा।