अभियोजन के अनुसार 16 अप्रैल 2020 की रात कुछ युवक काफनू स्थित शराब की दुकान पर पहुंचे थे। दुकान बंद होने के कारण उन्होंने शटर पर लात मारी। इसके बाद दुकान के शटर और बल्ब को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई। अगले दिन पुलिस ने युवकों को पूछताछ के लिए पुलिस चौकी कटगांव बुलाया। मामले में शराब दुकान के नुकसान को लेकर समझौता कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। अभियोजन का आरोप था कि पुलिस पोस्ट के प्रभारी रवि चोपड़ा ने युवकों को डराया-धमकाया, उनके साथ मारपीट की और गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की धमकी देकर 60 हजार रुपये की मांग की।
यह राशि शराब दुकान के नुकसान के समझौते के नाम पर मांगी गई थी। अदालत ने मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश 39 गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों पर विचार किया। जांच के दौरान बैंक खातों में हुए लेन-देन, मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया। रिकॉर्ड के अनुसार 19 अप्रैल 2020 को आरोपी के खाते में 50 हजार रुपये जमा हुए थे। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने पुलिस पद और वर्दी का दुरुपयोग करते हुए पीड़ितों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी और समझौते के नाम पर रकम ली। अदालत ने इस कृत्य को सार्वजनिक विश्वास को ठेस पहुंचाने वाला गंभीर अपराध माना और दोषी को सजा में राहत देने से इन्कार किया।